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Kanwar Yatra 2025

सावन का पावन महीना शुरू होते ही कांवड़ यात्रा की भव्य शुरुआत हो गई है. प्रयागराज से इस साल 2025 की कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ, जहां हजारों की संख्या में शिवभक्तों ने गंगा नदी से पवित्र जल भरकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए अपनी यात्रा शुरू की.गंगाजल लेने के लिए प्रयागराज के संगम तट पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. भगवा रंग में रंगे कांवड़िए "हर हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं. भक्त विभिन्न राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान से यहां पहुंचे हैं.

सावन महीने की शुरुआत पर वाराणसी, हरिद्वार और प्रयागराज जैसे तीर्थस्थलों पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. 'बम-बम भोले' के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक, पूजा और गंगा स्नान कर शिवभक्ति में लीन होकर आस्था का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया.

सावन का महीना शुरू होते ही उत्तर भारत के कई हिस्सों में एक खास नजारा देखने को मिलता है हर ओर केसरिया वस्त्रों में सजे शिवभक्त, कंधे पर गंगाजल से भरी कांवड़ उठाए लंबी यात्रा पर निकलते हैं. यह यात्रा भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है. भक्तजन गंगा नदी से जल भरकर विभिन्न शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं और शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं. इसे ही कांवड़ यात्रा कहा जाता है.

पूर्व सपा सांसद एस.टी. हसन ने कहा, "कांवड़ यात्रा एक धार्मिक तीर्थ यात्रा है, यह सच है। लेकिन जब यात्रा के दौरान डीजे जोर-जोर से बजते हैं, तो आसपास के घरों की खिड़कियां तक कांपने लगती हैं। दिल के मरीज अपने कान बंद कर लेते हैं, और जब कोई गाड़ी पास से गुजरती है तो तेज आवाज से वह भी हिलने लगती है... मेरा मानना है कि कांवड़ यात्रा को लेकर लगातार बढ़ रही समस्याओं और ध्यान को देखते हुए सरकार को कांवड़ियों के लिए एक अलग सड़क बनवानी चाहिए..."

उत्तर प्रदेश में श्रावण मास कांवड़ यात्रा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर विकास विभाग ने सफाई, रोशनी, पेयजल और रोग नियंत्रण हेतु व्यापक योजना शुरू की है.

Moharram guidelines UP: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी कांवड़ यात्रा, मोहर्रम, रथयात्रा और श्रावण मास के पर्वों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की.