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Krishna Janmashtami

Janmashtami 2025: भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी को मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2025 पर व्रत विधि, पूजा नियम और शुभ कार्यों की पूरी जानकारी. जानें इस दिन क्या करें और किन बातों से बचें...

Janmashtami 2025: इस जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण का 5252 जन्मोत्सव मनाया जाएगा. इसके लिए पूरी जन्मभूमि को दुल्हन की तरह सजी है. जानिए 16 अगस्त की रात जन्माभिषेक कार्यक्रम कैसे रहने वाला है?

जन्माष्टमी पर खीरे से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म कराने की अनोखी परंपरा का महत्व जानें, क्यों डंठल वाले खीरे से ‘नाल छेदन’ की रस्म निभाई जाती है और यह कैसे भगवान के जन्म का प्रतीक है?

इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भ्रम है कि यह 16 अगस्त को मनाई जाएगी या 17 अगस्त को. मथुरा और काशी के पंचांग के अनुसार 16 अगस्त को ही जन्माष्टमी का भव्य उत्सव होगा.

Krishna Janmashtami 2025: लगभग 5 हजार वर्ष पूर्व श्रीकृष्ण और बलराम ने चाणूर-मुष्टिक जैसे राक्षसों को अखाड़े में पराजित कर राक्षसराज कंस का वध किया और मथुरा नगरी को अत्याचार से मुक्त किया.

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2025 पर घर-घर राधा-कान्हा सेल्फी प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है. बच्चों को राधा और कृष्ण के रूप में सजाकर उनकी तस्वीर खींचें, क्यूआर कोड स्कैन कर भेजें और जीतें आकर्षक पुरस्कार.

16 अगस्त को पूरे भारत में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी. इस दिन व्रत, संकल्प और मध्यरात्रि अभिषेक के माध्यम से भक्ति और आत्मिक शुद्धि का अनुभव होता है. जानें व्रत के तीन प्रमुख तरीके और पूजा के नियम.

भगवान श्रीकृष्ण ने अपना विराट रूप दिखाते समय अर्जुन को बतलाया था कि वह कुरुक्षेत्र में सभी पापियों को नष्ट करने के लिए प्रकट हुए हैं, क्योंकि उन्हें उस समय धरती से अधर्म का नाश करना था, इसलिए उन्होंने करोड़ों योद्धाओं को युद्ध के जरिए मुक्ति दी.

हमारे पौराणिक इतिहास में “सहस्त्रबाहु” (1 हजार हाथों वाले) या हज़ार भुजाओं की शक्ति वाले योद्धाओं के नाम आते हैं. मौजूदा युग से पहले त्रेता और द्वापर युग में ऐसे बाहुबली भी थे जिनके 1 हजार भुजाएं थीं, और कइयों में तो 1-1 हजार हाथियों जितना बल था.

16 अगस्त को मनाए जाने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर नेपाल के मुक्तिनाथ मंदिर में भक्त बड़ी संख्या में जुटते हैं. यह मंदिर वैष्णव और बौद्ध दोनों समुदायों के लिए पवित्र है, जहां 108 जल धाराओं में स्नान करने से पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है.