‘बाल्मीकि समाज शहर की आत्मा’, लखनऊ में मजदूर दिवस पर सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने सफाई कर्मचारियों को किया सम्मानित
Lucknow Labour Day event: लखनऊ में मजदूर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने बाल्मीकि समाज को शहर की आत्मा बताया. सफाई कर्मचारियों को ‘कामरेड रत्न’ सम्मान दिया गया और श्रमिकों के लिए योजनाओं व पेंशन प्रावधानों की जानकारी साझा की गई.
16 घंटे की गुलामी से 8 घंटे के हक तक, पसीने से लिखी गई है हमारे विकास की कहानी, जानें कब से मनाया जाता है मजदूर दिवस
आसमान छूती इमारतों से लेकर आपकी थाली के अन्न तक, सब मजदूरों की देन है. यह लेख मजदूर दिवस के गौरवशाली इतिहास, भारत में इसके सफर और वर्तमान समय में 'गिग इकॉनमी' व AI के कारण पैदा हुए सुरक्षा संकट पर विस्तार से चर्चा करता है.
मजदूर दिवस 2026: कौन थे सिंगरावेलु चेट्टियार? जिन्होंने 103 साल पहले मद्रास के बीच पर भरी थी हुंकार
भारत में मजदूर दिवस की शुरुआत 1923 में मलयपुरम सिंगरावेलु चेट्टियार ने की थी. एक वकील और कम्युनिस्ट नेता के रूप में उन्होंने पहली बार भारत में लाल झंडा फहराया और मजदूरों के लिए 8 घंटे काम की मांग की.
गौतम अदाणी का ‘मजदूर दिवस’ पर बड़ा विजन: कर्मचारियों के लिए बनेंगे 50,000 AC घर, ‘त्रिवेणी संगम’ से बदलेगी ग्रुप की कार्यशैली
1 मई को अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने राष्ट्र निर्माण और श्रमिक सम्मान को लेकर एक भावुक संदेश साझा किया. उन्होंने कर्मचारियों के लिए हाई-टेक सुख-सुविधाओं की घोषणा के साथ-साथ कंपनी के ढांचे में 'त्रिवेणी संगम' नामक तीन बड़े बदलावों का रोडमैप पेश किया.
‘श्रमिकों की मेहनत से ही राष्ट्र की प्रगति और विकसित भारत का सपना संभव’, विश्व श्रमिक दिवस पर अमित शाह का संदेश
World Labour Day: विश्व श्रमिक दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर के श्रमिकों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत से ही राष्ट्र की प्रगति और विकसित भारत का सपना संभव है.
“श्रमिक केवल श्रम का साधन नहीं हैं, वे राष्ट्र निर्माण के स्तंभ हैं”, Labour Day पर महिला मजदूरों से सीएम रेखा गुप्ता ने की मुलाकात
सीएम रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने कहा, "जब कोई मजदूर अपने गृहनगर से दिल्ली आता है , तो वह बहुत सारी उम्मीदें लेकर आता है. वह दिल्ली की व्यवस्था, अर्थव्यवस्था और विकास का हिस्सा बन जाता है.
Labour Day: श्रम का अवमूल्यन ना हो, बस यही तो मजदूर चाहता है
Labour Day: दुनिया के सभी मजदूरों की सबसे बड़ी समस्या है श्रम का अवमूल्यन। लाभ का एक बड़ा हिस्सा जब पूंजीपति की जेब में जाता है तो श्रम का अवमूल्यन शुरू हो जाता है।





