आज 1 मई है, और जब पूरी दुनिया मजदूर दिवस मना रही है, तो देश के दिग्गज कारोबारी Gautam Adani ने एक बेहद भावुक और प्रेरक संदेश साझा किया है. अदाणी ग्रुप के मुखिया ने इस मौके पर न सिर्फ अपने संघर्ष के दिनों को याद किया, बल्कि भारत के भविष्य और ‘राष्ट्र निर्माण’ को लेकर एक बड़ा विजन भी पेश किया. उनके संबोधन का सबसे दिलचस्प हिस्सा था उनका अपनी पत्नी प्रीति अदाणी के साथ बिताया 40 साल का सफर और केदारनाथ धाम की उनकी हालिया यात्रा.
जब निजी जीवन और श्रम का मेल हुआ
गौतम अदाणी के लिए 1 मई सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं है. यह उनके जीवन के दो सबसे बड़े पहलुओं का संगम है. उन्होंने बताया कि ठीक 40 साल पहले, 1986 में इसी दिन उनकी शादी प्रीति अदाणी से हुई थी. आज सुबह उन्होंने केदारनाथ मंदिर में माथा टेका और देश की सेवा का अवसर मिलने के लिए आभार जताया.
उन्होंने अपनी बात को एक गहरा अर्थ देते हुए कहा कि आज का दिन हर उस इंसान का है जो मेहनत पर यकीन रखता है और मुश्किलों से नहीं भागता. उनके शब्दों में, “आज का दिन मेरा है, आपका है और हम सबका है.”
गिलहरी की कहानी और राष्ट्र निर्माण का मंत्र
अदाणी ने रामायण के उस मशहूर प्रसंग का जिक्र किया जिसमें एक नन्हीं गिलहरी राम सेतु बनाने में अपना छोटा सा योगदान दे रही थी. उन्होंने अपने 4 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को समझाते हुए कहा कि फर्क इससे नहीं पड़ता कि आपका योगदान कितना बड़ा है, फर्क इससे पड़ता है कि आपने योगदान दिया या नहीं.
उन्होंने मुंद्रा पोर्ट, विझिंजम पोर्ट और खावड़ा के ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स का उदाहरण देते हुए कहा कि ये सिर्फ बिजनेस प्रोजेक्ट्स नहीं हैं, बल्कि आधुनिक भारत की नींव हैं. उन्होंने विशेष रूप से ‘धारावी पुनर्विकास’ का जिक्र किया और इसे अपने जीवन की सबसे बड़ी मानवीय चुनौती बताया. उन्होंने साफ किया कि धारावी का प्रोजेक्ट मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए है जिनके साथ समाज ने अब तक न्याय नहीं किया.
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संस्था के तीन महा-बदलाव
अदाणी समूह के भविष्य को नई गति देने के लिए गौतम अदाणी ने ‘त्रिवेणी संगम’ की अवधारणा पेश की है, जिसमें तीन बड़े बदलाव शामिल हैं. सबसे पहले ‘3-Layer मॉडल’ के जरिए कंपनी के ढांचे को इतना सरल और ‘फ्लैट’ बनाया जाएगा कि निर्णय लेने की प्रक्रिया रॉकेट की रफ्तार पकड़ लेगी यानी जो काम पहले तीन दिनों में होता था, वह अब महज तीन घंटों में पूरा होगा, जिससे युवाओं को नेतृत्व के ज्यादा मौके मिलेंगे.
दूसरा है ‘Partnership मॉडल’, जिसका मकसद भरोसेमंद और सक्षम पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करना है; इसमें हधुभाई रबारी जैसे उद्यमियों की मिसाल दी गई है, जिन्होंने एक चरवाहे से सफल बिजनेस पार्टनर तक का सफर तय किया. तीसरा और अहम स्तंभ ‘Learning & Development’ है, जिसके तहत कंपनी के भीतर ही ‘सुब्बू’ जैसे टैलेंट को तराशा जाएगा ताकि
कर्मचारियों के लिए पंचतत्व
अदाणी ने कर्मचारियों के लिए पांच बुनियादी सिद्धांतों की घोषणा की: स्थानीय लोगों को प्राथमिकता, बेहतर ट्रेनिंग, करियर की स्पष्ट ग्रोथ, सही समय पर सैलरी और सबसे जरूरी गरिमा के साथ जीवन.
उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि मुंद्रा और खावड़ा में 50,000 कर्मचारियों के लिए एयरकंडीशंड (AC) आवास बनाए जा रहे हैं. साथ ही, मुंद्रा में एक विशाल ‘क्लाउड किचन’ शुरू किया जा रहा है, जो हर रोज 1 लाख लोगों को साफ़ और पौष्टिक खाना खिलाएगा.
अपने संदेश के आखिर में उन्होंने कहा कि अदाणी ग्रुप की हर साइट एक ‘छोटा भारत’ है, जहां यूपी, बिहार, केरल और गुजरात के लोग कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं. उन्होंने अपने कर्मचारियों को ‘श्रमिक’ नहीं बल्कि ‘राष्ट्र निर्माता’ कहा.
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-भारत एक्सप्रेस
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