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Lal Bahadur Shastri

Lal Bahadur Shastri: जनवरी 1921 में बनारस में महात्मा गांधी और पंडित मदन मोहन मालवीय के प्रभावशाली भाषणों से प्रेरित होकर लाल बहादुर शास्त्री सक्रिय रूप से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े और जीवन भर इसके समर्पित सहभागी बने रहे. इसी दौरान, 1925 में काशी विद्यापीठ में अध्ययन करते हुए उन्होंने भारत रत्न भगवान दास की पुस्तक ‘Essential Unity of All Religions’ पर एक गंभीर शोध-लेख लिखा.

लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर विशेष. जानिए कैसे 'जय जवान, जय किसान' का नारा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री ने सादगी और फौलादी इरादों से 1965 के युद्ध में देश का मान बढ़ाया.

PM Narendra Modi Tribute: लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर पीएम मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी सादगी तथा राष्ट्र-समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है.

गुलजारीलाल नंदा भारत के उन चुनिंदा नेताओं में से एक थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन सादगी, ईमानदारी और देशसेवा को समर्पित कर दिया.

Birth Anniversary Special: 2 अक्टूबर को 35 साल के फासले पर जन्मे महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का देश की आजादी पर अहम रोल था. आइये जयंती पर जानें दोनों नेताओं में कैसे और क्या समानता थी.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं ने भी महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

आज दो अक्टूबर है. आज महात्मा गांधी की जन्म-जयंती है. वहीं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की भी जयंती है. इस मौके पर प्रधामंत्री ने राजघाट पर जाकर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की और नमन किया.

पिता के समय से वर्तमान दौर की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय उनके पिता के समय से बिल्कुल अलग है.

31 मई 1964 को लाल बहादुर शास्त्री के रूप में देश को दूसरा प्रधानमंत्री मिल गया. हालांकि इन सब चर्चाओं के बीच शास्त्री ने कभी खुद को पीएम पद का दावेदार नहीं माना.