गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान श्रीलंकाई सैनिक ने क्यों की थी राजीव गांधी पर जानलेवा हमला करने की कोशिश?
30 जुलाई 1987 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर हुए हमले ने भारत-श्रीलंका संबंधों के इतिहास में एक बड़ा मोड़ दर्ज किया. यह घटना उस दौर की जटिल राजनीति, श्रीलंका के गृहयुद्ध और भारत के शांति प्रयासों की कहानी को दिखाती है.
आतंक के ‘टाइगर’ का अंत: 26 साल का खूनी संघर्ष और वो 18 मई, जब प्रभाकरन की लाश ने बदल दिया श्रीलंका का इतिहास
End of LTTE: जानें कैसे 26 साल चले खूनी संघर्ष के बाद श्रीलंकाई सेना ने दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन LTTE और उसके चीफ प्रभाकरन का नामोंनिशान मिटा दिया. राजीव गांधी हत्याकांड से लेकर 2009 के अंतिम युद्ध तक की पूरी कहानी.
दिल्ली हाईकोर्ट ने LTTE Ban मामले में ट्रिब्यूनल की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से किया इनकार
केंद्र ने इसी साल 14 मई को अधिसूचना जारी कर यूएपीए (UAPA) के तहत LTTE को पांच और वर्षों के लिए गैर कानूनी संगठन घोषित कर दिया था.
भारत सरकार ने लिट्टे पर प्रतिबंध की अवधि पांच साल और बढ़ाई
गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि केंद्र सरकार की राय है कि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) अभी भी उन गतिविधियों में लिप्त है, जो देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं.





