‘छायावाद का देश’: आज के पर्यावरण संकट और हिंसा के बीच क्यों जरूरी है शंभुनाथ की यह नई पुस्तक?
Vani Prakashan Books 2026: शंभुनाथ की नई किताब 'छायावाद का देश' (2026) आज के बढ़ते उपभोक्तावाद और पर्यावरण संकट के बीच महादेवी, निराला, प्रसाद और पंत के मानवीय विचारों की एक बेहद जरूरी और नई खोज है.
हिंदी साहित्य के छायावादी युग की प्रमुख कवयित्री थीं महादेवी वर्मा, लोग उन्हें कहते थे- आधुनिक युग की मीरा
आज महादेवी वर्मा की पुण्यतिथि है. उन्होंने अपनी मुख्य रचनाओं और लेखन में भारतीय नारी की पीड़ा, उनकी इच्छाएं और संघर्षों को अपनी कविताओं में प्रस्तुत किया था. वह एक ऐसी कवयित्री थीं, जिन्हें साहित्य प्रेमी आज भी नमन करते हैं.





