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Marriage Interference

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी तीसरे पक्ष को जानबूझकर किसी व्यक्ति के वैवाहिक संबंध में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि ऐसे मामलों में दीवानी अदालत में हर्जाना मांगा जा सकता है.