कलकत्ता हाईकोर्ट का विवादित फैसला- “नाबालिग के स्तनों को छूना रेप नहीं”…आरोपी को दे दी जमानत
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा है कि नशे में धुत होकर नाबालिग लड़की के स्तनों को छूने का प्रयास करना यौन अपराधों से बच्चों की रोकथाम (POCSO) अधिनियम के तहत बलात्कार का प्रयास नहीं माना जाता है.
SC का बड़ा फैसला, रेप साबित करने के लिए प्राइवेट पार्ट पर चोट जरूरी नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 40 साल पुराने रेप केस में सुनवाई की. 1984 में एक ट्यूशन टीचर ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया था. इस केस में आरोपी ने कहा कि पीड़िता के प्राइवेट पार्ट पर कोई चोट के निशान नहीं है इसीलिए यह रेप केस कैसे हुआ.
तीस हजारी कोर्ट ने नाबालिग से बलात्कार और हत्या मामले में पिता-पुत्र को दोषी ठहराया, पढ़ें क्या है पूरा मामला
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने 2019 में नाबालिग बच्ची के बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपी राजेंद्र और उसके पिता सरन को दोषी करार दिया. अभियोजन पक्ष ने सबूतों के आधार पर सिद्ध किया कि आरोपी ने लड़की का अपहरण कर यौन शोषण किया और फिर हत्या कर शव को पार्क में फेंक दिया.





