राम से निकलेगा शांति का रास्ता! आचार्य लोकेश मुनि की पहल पर मोरारी बापू की रामकथा, मंच पर उपराष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति कोविंद
भारत मंडपम विश्व शांति संदेश दिया गया. जैन आचार्य लोकेश मुनि के मंच पर मोरारी बापू ने रामकथा की शुरुआत की. इस दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद भी मौजूद रहे. इस मंच से अहिंसा, करुणा और मानवता का वैश्विक संदेश दिया गया.
भारत मंडपम बनेगा सनातन एकता का केंद्र! जैन आचार्य लोकेश जी करा रहे हैं मोरारी बापू की ऐतिहासिक रामकथा, विश्व शांति का देंगे संदेश
Morari Bapu: नई दिल्ली एक बार फिर एक भव्य आध्यात्मिक आयोजन का गवाह बनने वाली है. 17 से 25 जनवरी 2026 तक भारत मंडपम के मल्टीपर्पज़ हॉल लेवल 3 में पूज्य मोरारी बापू की नौ दिन की रामकथा होने जा रही है.
धर्म ध्वजारोहण होते ही 500 वर्षों बाद राम मंदिर निर्माण पूरा, भक्तों ने हजारों करोड़ दान किए; जानें कौन हैं सबसे बड़े दानी
Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर हाल में ही धर्म ध्वजा फहराई गई. मंदिर कॉरिडोर का व्यापक कार्य पूरा होने के बाद यह अभूतपूर्व तीर्थ स्थल के रूप में अपनी पूरी भव्यता के साथ श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध होगा.
Etawah के कथावाचकों की जाति पर बवाल, देश के बड़े कथावाचकों की जाती क्या है?
हाल ही में उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से जुड़ा एक मामला सुर्खियों में है, जहां दो प्रसिद्ध कथावाचकों मुकुट मणि यादव और संत सिंह यादव ने आरोप लगाया है कि उन्हें उनके ब्राह्मण यजमान द्वारा जातिगत आधार पर अपमानित किया गया और उनके साथ मारपीट भी की गई. इस बहस के बीच यह जानना भी जरूरी हो जाता है कि देश में वर्तमान में जो प्रमुख कथावाचक हैं, उनकी जातिगत पृष्ठभूमि क्या है.
“अद्भुत, अकल्पनीय और अविस्मरणीय क्षण”, संत-महात्माओं से मुलाकात में यूं आल्हादित हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम
आज देश के प्रख्यात संतों और आध्यात्मिक गुरुओं ने एक मंच पर आकर भक्ति और एकता का संदेश दिया. आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इसे "अद्भुत, अकल्पनीय और अविस्मरणीय" क्षण करार दिया.
Britain PM Rishi Sunak: मोरारी बापू की रामकथा में शामिल हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, लगाए जय श्रीराम के नारे, बोले- हिंदू होने पर गर्व है
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक कैंब्रिज विश्वविद्यालय में चल रही रामकथा में शामिल हुए. पीएम सुनक ने रामकथा में पहुंचने के बाद कहा कि वे यहां पर प्रधानमंत्री बनकर नहीं बल्कि एक हिंदू के तौर पर आए हैं.





