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Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
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natural disaster

बद्रीनाथ धाम के ऊपर मौजूद तीन हैंगिंग ग्लेशियरों को लेकर वैज्ञानिकों ने गंभीर चेतावनी दी है. अध्ययन के अनुसार ग्लेशियर टूटने की स्थिति में 58.9 लाख घन मीटर बर्फ 283 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से नीचे आ सकती है, जिससे 398 इमारतें और कई अहम ढांचे प्रभावित हो सकते हैं.

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंपों ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के खतरे की याद दिला दी है. इस बीच दुनिया के सबसे विनाशकारी और शक्तिशाली भूकंपों की सूची भी चर्चा में आ गई है, जिसमें चिली, जापान और भारत शामिल हैं.

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 39 सेकंड के अंतराल पर आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है. राजधानी Caracas समेत कई इलाकों में इमारतें ढह गईं, जबकि USGS ने बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका जताई है...

Philippine Earthquake 2026: फिलीपींस में आए 7.8 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप से सारंगनी प्रांत में कोहराम मचा हुआ है. विभिन्‍न इलाकों के लगभग 20 हजार लोग बेघर हुए हैं. मृतकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. पीएम मोदी ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, 11 महीने की नीतिका को गोद में उठाया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. पीएम मोदी ने प्रभावित लोगों से बातचीत की और राहत एवं पुनर्वास प्रयासों को तेज करने का निर्देश दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर भारत में बाढ़ और बारिश पर स्वतः संज्ञान लिया है. साथ ही कोर्ट ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर सरकार को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब मांगा है.

महाराष्ट्र और हिमाचल में लगातार तेज बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है. मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में रेड अलर्ट जारी है. सेना और रेस्क्यू टीमों द्वारा बचाव कार्य जारी है.

पाकिस्तान के खैबर पख़्तूनख्वा में भारी बारिश और बाढ़ से अब तक 314 लोगों की मौत हुई, 156 घायल हैं और सैकड़ों परिवार विस्थापित हैं. बुनेर, स्वात, शांगला और मनसेहरा सबसे प्रभावित जिलों में शामिल हैं.

उत्तराखंड में धराली की त्रासदी ने लोगों को एक बार फिर से ये याद दिलाया है कि प्रकृति के प्रकोप से बचने के लिए सतर्क और तैयार रहना होगा. यहां सैटेलाइट पिक्‍चर्स और ड्रोन से लिए वीडियो में बर्बाद हुए इलाके का मंजर देखा जा सकता है.