निर्भया से आरजी कर तक: क्या सिर्फ नाम बदलते रहेंगे, व्यवस्था कभी नहीं बदलेगी?
Rape laws in India: कठोर कानून, फास्ट ट्रैक अदालतें और निर्भया कोष बनने के बाद भी भारत में हर 71 सेकंड में महिलाओं के खिलाफ एक अपराध दर्ज होता है. राजनीतिक दबाव, जांच में देरी और अदालतों में लंबित मामले इस व्यवस्था की सबसे बड़ी कमजोरी बने हुए हैं.
किसान और मजदूरों द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार
किसान और मजदूरों द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार हो गया है. कोर्ट 2 सप्ताह बाद मामले में सुनवाई करेगा. सीजेआई बी आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इसे सूचीबद्ध करने को कहा है.
यूपी में ‘जाति देखकर एनकाउंटर’ के आरोपों में कितना दम? जानें क्या कहते हैं 2017 से लेकर 2023 तक के आंकड़े
विपक्ष का कहना है कि यूपी में हो रहे एनकाउंटर में जाति देखकर अपराधियों को मारा जा रहा है. समाजवादी पार्टी का तो यहां तक कहना है कि मुख्यमंत्री सजातीय अपराधियों को बचाते हैं.





