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किसान और मजदूरों द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार

किसान और मजदूरों द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार हो गया है. कोर्ट 2 सप्ताह बाद मामले में सुनवाई करेगा. सीजेआई बी आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इसे सूचीबद्ध करने को कहा है.

Edited by Vaibhav Gupta

किसान और मजदूरों द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार हो गया है. कोर्ट 2 सप्ताह बाद मामले में सुनवाई करेगा. सीजेआई बी आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इसे सूचीबद्ध करने को कहा है.

कृषि क्षेत्र से जुड़े 10,700 आत्महत्या के मामले

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि 2023 के बाद इस मामले में अभी तक सुनवाई नहीं हुई है. इससे पहले कोर्ट ने केंद्र सरकार, देश के सभी राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था.

कोर्ट ने पूछा था कि वे क्यों नहीं किसानों की सुरक्षा के लिए एक राष्ट्रीय नीति बना रहे हैं. कोर्ट ने सरकार से फसल बीमा को लेकर उठाये गए सभी कदमों के बारे में विस्तृत जानकारी देने को कहा है. कोर्ट ने चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसान लोन नहीं चुका पाते है. कोर्ट एक एनजीओ की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है. वर्ष 2023 में कृषि क्षेत्र से जुड़े 10,700 लोगों ने आत्महत्या की थी. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरों (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक 38.5 प्रतिशत मामले महाराष्ट्र से जबकि 22.5 प्रतिशत कर्नाटक से सामने आए थे.

पहले से 20 फीसदी अधिक

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में कुल एक लाख 71 हजार 418 लोगों ने खुदकुशी की थी. इनमें से 66.2 प्रतिशत की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम थी. महाराष्ट्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से मार्च 2025 के बीच 767 किसानों ने आत्महत्या की जबकि यही आंकड़ा अप्रैल 2025 से अब तक का आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से जून 2025 के बीच सिर्फ मराठवाड़ा रीजन क्षेत्र में 520 किसानों ने अपनी जान दी, जो पिछले साल की तुलना में 20 फीसदी अधिक है. सबसे ज्यादा मामले मराठवाड़ा रीजन के बीड, नांदेड़, संभाजीनगर (औरंगाबाद), और विदर्भ रीजन के यवतमाल, अमरावती, आकोला, बुलढाणा और वाशिम जिलों में दर्ज हुए हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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