Urdu Conclave 2026

new criminal laws

देश में तीन नए आपराधिक कानूनों के दो साल पूरे होने पर गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. 1 जनवरी 2027 से देश भर के थानों में पूरी तरह 'डिजिटल इन्वेस्टिगेशन' प्रणाली लागू हो जाएगी, जिसमें एफआईआर से चार्जशीट तक का सफर ऑनलाइन होगा.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान में नए आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. अमित शाह ने कहा कि इन कानूनों के माध्यम से 'ईज ऑफ लिविंग' के साथ-साथ 'ईज ऑफ जस्टिस' भी मिलेगा.

दायर याचिका में मद्रास हाईकोर्ट में लंबित मामलों को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी. तीनों नए कानूनों के खिलाफ डीएमके के हाई कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है. जिसमें कानूनों को असंवैधानिक और अधिकारहीन घोषित करने की मांग की गई है.

गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री के साथ नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा की. बैठक में पुलिस, अभियोजन और फोरेंसिक प्रणाली की प्रगति पर चर्चा हुई.

New Criminal Laws: दिल्ली के निचली अदालतों के वकील नए आपराधिक कानूनों को क्रूर बता रहे हैं. निचली अदालतों के वकील 15 जुलाई को न्यायिक कामकाज ठप करने का फैसला किया है.

New Criminal Laws: भाजपा नेता ने कहा कि राजशाही से, अंग्रेजी हुकूमत से अभी तक वही पुराने कानून चल आ रहे थे.

नए कानून में किसी भी अपराध के लिए अधिकतम सजा काट चुके कैदियों को प्राइवेट बॉन्ड पर रिहा करने की व्यवस्था की गई है.

नए कानूनों में महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों की जांच को प्राथमिकता दी गई है। सूचना दर्ज होने के दो महीने के भीतर जांच पूरी होगी।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि इन तीन कानूनों पर संसद में बहस नहीं हुई, क्योंकि विपक्षी सांसद निलंबित थे, उसके बावजूद इन कानूनों को संसद से पास कर दिया गया था.