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Patanjali Misleading ads case

सुप्रीम कोर्ट इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) द्वारा 2022 में दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पतंजलि और योग गुरु बाबा रामदेव ने कोविड टीकाकरण और चिकित्सा की आधुनिक प्रणालियों को बदनाम करने का अभियान चलाया था.

इस महीने की शुरुआत में भ्रामक विज्ञापन मामले में योगगुरु Baba Ramdev और Patanjali Ayurved के प्रबंध निदेशक Acharya Balkrishna ने व्यक्तिगत रूप से Supreme Court से माफी मांगी थी.

हलफनामे में बालकृष्ण-रामदेव ने कहा कि अब कोई प्रेस वार्ता नहीं की जाएगी. कोर्ट के आदेश का अक्षरशः पालन किया जाएगा. भविष्य में इस प्रकार के विज्ञापन जारी नहीं किए जाएंगे.

पतंजलि भ्रामक विज्ञापन मामले में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने कोर्ट से अपने आचरण के लिए माफी मांगी. हालांकि कोर्ट दोनों को कड़ी फटकार लगाई.

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्यों न पतंजलि और इसके एमडी के खिलाफ अवमानना केस चलाया जाए. केंद्र सरकार ने कोर्ट से कहा कि वह इस मामले में एक नया हलफनामा दाखिल करेगी.