Pitru Paksha Special: श्राद्ध अनुष्ठानों में क्यों किया जाता है काले तिल का प्रयोग? जानें पौराणिक कथा और मान्यता
हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस अवधि में पितरों की आत्माएं धरती पर आती हैं. उनकी तृप्ति और शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण किया जाता है. इस विधि में तिल का प्रयोग आवश्यक माना गया है.
Trayodashi Shradh 2025: पितृपक्ष में त्रयोदशी तिथि के श्राद्ध का क्या महत्व है? जानिए कैसे करें तर्पण और पूजन मंत्र
Trayodashi Shradh 2025: त्रयोदशी श्राद्ध का विशेष महत्व खासकर उन लोगों के लिए जिनका निधन इस तिथि पर हुआ हो. आज त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध किया जा रहा है. मान्यता है कि इस दिन श्राद्ध करने पितरों को मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति आती है.
Pitru Paksha 2025: पिहोवा में आज भी वंशावली के आधार पर होता है श्राद्ध, महाभारत से भी जुड़ा है किस्सा
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पिहोवा का सरस्वती तीर्थ एवं सन्निहित सरोवर भारतीय धर्म और आस्था का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है. यहां पर पितरों की शांति और उनकी मुक्ति के लिए पिंडदान तथा श्राद्ध कर्म करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है
Pitru Paksha 2025: यहां एक पिंडदान से 5 पीढ़ियों को मिलेगा मोक्ष, श्राद्ध के लिए सबसे खास मानी जाती है ये जगह
Pitru Paksha 2025: सनातन धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की प्राप्ति का सबसे पवित्र समय माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान किया गया तर्पण और दान सीधे पितरों तक पहुंचता है और उन्हें मुक्ति मिलती है.
Chandra Grahan 2025: साल का आखिरी चंद्रग्रहण आज, 122 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, सूर्यग्रहण से होगा पितृपक्ष का समापन
Chandra Grahan 2025: साल 2025 का आखिरी चंद्र ग्रहण 7 सितंबर की रात 9:58 बजे लगेगा और 1:26 बजे तक रहेगा. इसी दिन पितृ पक्ष की भी शुरुआत हो रही है. जानें सूतक काल, राशियों पर प्रभाव और धार्मिक नियम.





