‘करो या मरो’ के संकल्प को किया याद, भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
Quit India Movement: भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पर अमित शाह, नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी.
क्या था 1946 का नेवल रिवोल्ट, जिसे इतिहासकार कहते हैं ‘आज़ादी का अंतिम युद्ध’ ?
18 फरवरी 1946, बंबई के समुद्री किनारों से उठी एक चिंगारी ने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी थी. Royal Indian Navy के भारतीय नाविकों ने HMIS Talwar से विद्रोह की शुरुआत की, जो देखते ही देखते देशव्यापी आंदोलन में बदल गया. 80 साल बाद भी 1946 का यह नौसैनिक विद्रोह भारत की स्वतंत्रता की अंतिम निर्णायक दस्तक के रूप में याद किया जाता है.
83 साल पहले शुरू हुआ था ‘भारत छोड़ो आंदोलन’, आजादी की लड़ाई में आई नई दिशा, आज भी प्रेरणा स्त्रोत
अगस्त महीने की अहमियत भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. 'भारत छोड़ो' (Quit India Movement) जैसे क्रांति के आंदोलन से आजादी की रेखा अगस्त महीने में ही खींची गई थी.
भारत छोड़ो आंदोलन: 1942 में आज ही के दिन महात्मा गांधी ने दिया था ‘करो या मरो’ का नारा
महात्मा गांधी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के बॉम्बे अधिवेशन में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ को नई दिशा दी. इस आंदोलन ने ही देशवासियों को ब्रिटिश शासन के खिलाफ जुटने के लिए प्रेरित किया.
कौन हैं उषा मेहता, जिनकी जिंदगी से प्रेरित फिल्म में नजर आएंगी सारा अली खान
Ae Watan Mere Watan Trailer: 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म ‘ऐ वतन मेरे वतन’ 21 मार्च को अमेजॉन प्राइम पर रिलीज़ होने वाली है. फिल्म में सारा अली खान लीड रोल में हैं.





