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Retail Inflation

Retail Inflation: अगस्त में भारत की खुदरा महंगाई दर जुलाई के 4.45% से बढ़कर 4.82% हो गई. खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी इसका मुख्य कारण रही.

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिवसीय बैठक बुधवार से शुरू हुई थी और आज इसका अंतिम दिन है। शुक्रवार सुबह 10 बजे RBI गवर्नर **संजय मल्होत्रा**, जो MPC के चेयरमैन भी हैं, मौद्रिक नीति का नतीजा घोषित करेंगे।...

खुदरा महंगाई जुलाई में कम होकर 1.55 प्रतिशत हो गई है. यह महंगाई का 8 वर्षों (जून 2017) का सबसे निचला स्तर है. महंगाई में कमी आने की वजह खाद्य उत्पादों की कीमतें कम होना है

श्रम मंत्रालय द्वारा सोमवार (24 फरवरी) को जारी किए गए आंकड़ों में बताया गया कि ऑल-इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर एग्रीकल्चर लेबरर्स (सीपीआई-एएल) और रूरल वर्कर्स के लिए सूचकांक (सीपीआई-आरएल) में महंगाई दर जनवरी में गिरकर क्रमश: 4.61 प्रतिशत और 4.73 प्रतिशत रह गई है.

महंगाई में कमी एक अच्छा संकेत है क्योंकि खुदरा महंगाई दर अक्टूबर में आरबीआई की 6 प्रतिशत की ऊपरी सीमा को पार कर गई थी.

बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में महंगाई दर और घट सकती है.

खुदरा महंगाई दर बढ़ने की वजह बीते महीने सब्जियों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी को माना जा रहा है. अक्टूबर में सब्जियों की कीमतों में 42.18 प्रतिशत का इजाफा हुआ है.