महाश्वेता देवी: एक शताब्दी की संघर्षपूर्ण सशक्त आवाज, जिनकी कृतियां धरोहर से कम नहीं
महाश्वेता देवी केवल लेखिका नहीं थीं, वे प्रतिरोध की आवाज थीं. आदिवासियों, दलितों और स्त्रियों के संघर्ष को साहित्य का केंद्र बनाकर उन्होंने लेखन को आंदोलन बनाया.

महाश्वेता देवी केवल लेखिका नहीं थीं, वे प्रतिरोध की आवाज थीं. आदिवासियों, दलितों और स्त्रियों के संघर्ष को साहित्य का केंद्र बनाकर उन्होंने लेखन को आंदोलन बनाया.