सफलता के लिए पीएम मोदी ने दिया संस्कृत का ‘महामंत्र’, बताया- कौशल और परिश्रम से कैसे हर लक्ष्य होगा आसान
पीएम नरेंद्र मोदी ने आज एक विशेष संस्कृत सुभाषित के जरिए देशवासियों को प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि सक्षम व्यक्ति के लिए कुछ भी भारी नहीं है और मेहनती के लिए कोई लक्ष्य दूर नहीं. यह पोस्ट युवाओं को कौशल विकास और परिश्रम के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से साझा की गई है.
पीएम मोदी का आज का ‘सुभाषितम्’: क्या है उस ‘पूर्णता’ का रहस्य, जो आपकी जिंदगी बदल सकता है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज का 'सुभाषितम्' ईशावास्य उपनिषद के उस शांति पाठ पर आधारित है जो ब्रह्मांड की अनंतता और इंसान की आंतरिक पूर्णता को समझाता है. पीएम का यह संदेश एक छात्र से लेकर एक लीडर तक, हर किसी को अभाव से मुक्त होकर निस्वार्थ सेवा करने की प्रेरणा देता है.







