श्रीलाल शुक्ल की जन्म शताब्दी: राग दरबारी का अमर स्वर
श्रीलाल शुक्ल की जन्म शताब्दी पर उनकी कालजयी कृति राग दरबारी एक बार फिर हमें स्वतंत्र भारत के ग्रामीण जीवन, सत्ता, भ्रष्टाचार और नैतिक पतन का आईना दिखाती है.
हरिशंकर परसाई: गाय का ‘धर्म’ और राजनीति का ‘मर्म’ समझाने वाले व्यंग्यकार
प्रख्यात लेखक और व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई लिखते हैं कि निंदा में विटामिन और प्रोटीन होते हैं. निंदा खून साफ करती है, पाचन-क्रिया ठीक करती है, बल और स्फूर्ति देती है.





