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Sheikh Hasina

बीते 5 अगस्त को हिंसक प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा था. उन्होंने फिलहाल भारत में शरण ले रखी है.

बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा कि सरकार ने 'आतंकवाद विरोधी अधिनियम 2009' की धारा 18 की उपधारा (1) की शक्तियों का प्रयोग करते हुए 'बांग्लादेश छात्र लीग' पर प्रतिबंध लगा दिया है.

प्रदर्शनकारियों ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना पर हाल में की गई टिप्पणियों को लेकर बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे की मांग की है.

शेख हसीना पर छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार होने के आरोपों के बाद बांग्लादेश में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है.

शेख हसीना के भारत में शरण लेने के बाद, मोहम्मद यूनुस ने स्पष्ट किया कि अगर भारत हसीना को तब तक अपने पास रखना चाहता है, जब तक बांग्लादेश औपचारिक रूप से उन्हें वापस नहीं बुला लेता, तो हसीना को चुप रहना चाहिए.

शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे के बाद से ही बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है. हिंदुओं के घरों, पूजा स्थलों, प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ के साथ ही महिलाओं का रेप और हत्या करने की घटनाएं हो रही हैं.

5 अगस्त को बांग्लादेश में तख्ता पलट के बाद से ही देश की स्थिति ठीक नहीं है. इस घटना के बाद से ही उनकी पार्टी के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है.

शुरुआती जांच में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि बॉर्डर पार करते हुए शायद उनको दिल का दौरा पड़ा हो.

बता दें कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हाल ही में हुए हमलों के खिलाफ व्हाइट हाउस के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया गया.

पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेश में हिंदू, दलित और दूसरे अल्पसंख्यकों पर दंगाइयों ने बड़े पैमाने पर अत्याचार किया है. हिंदुओं के मंदिरों तक को नहीं छोड़ा गया.