पितृ पक्ष 21 सितंबर तक: किसी मृत व्यक्ति की संतान न हो तो पत्नी कर सकती है श्राद्ध, पत्नी भी न हो तो कुटुंब लोग कर सकते हैं धूप-ध्यान
देशभर में पितृ पक्ष का पावन समय जारी है, जब परिवार अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध-धूप करते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसमें महिलाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है.





