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Startup India

पिछले एक दशक में भारत का स्टार्टअप क्षेत्र तेजी से बढ़ा है. जेरोधा, ओयो, मीशो और मैपमाईइंडिया जैसे प्रमुख संस्थापकों के अनुसार भारत अब वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बन चुका है.

India Unicorns: भारत दुनिया में सबसे ज्यादा यूनिकॉर्न बनाने वाला तीसरा देश बना. जयपुर डिजिफेस्ट में पैनल डिस्कशन हुआ, विशेषज्ञों ने कहा- यहां निवेशकों की स्टार्टअप में रुचि बढ़ती जा रही है.

Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने कहा कि, मुझे याद है कि जब चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग हुई थी तब देश में विज्ञान को लेकर अलग माहौल बन गया था. अब छोटे बच्चे भी अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि ले रहे हैं. इंस्पायर मानक अभियान इसी की वजह से शुरू किया गया.

भारत का खिलौना उद्योग अब आत्मनिर्भर बनते हुए 153 देशों को निर्यात कर रहा है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने टॉय बिज इंटरनेशनल B2B एक्सपो 2025 में बताया कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और नीतिगत समर्थन ने इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई है.

भारत में स्टार्टअप की संख्या 2014 में मात्र 400 थी, जो आज बढ़कर 1,57,000 हो गई है. 'स्टार्टअप इंडिया' पहल ने इस बदलाव को संभव बनाया, जिससे देश में रोजगार के अवसर बढ़े और नये उद्योगों का निर्माण हुआ.

भारत के पास AI एजेंट अपनाने के लिए एक अद्वितीय डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो हमारे देश को शिक्षा, स्वास्थ्य, और ग्राहक सेवा क्षेत्रों में AI की थर्ड वेव का लाभ उठाने के लिए सबसे उपयुक्त बनाता है.

स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (SISFS) भारत सरकार की एक अच्छी पहल है, जिसका उद्देश्य देश में इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देना है. इस स्कीम के तहत, सरकार नए और उभरते हुए स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करती है ताकि वे अपने बिजनेस को शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में सक्षम हो सकें.

एक कार्यक्रम के दौरान इनोवेटर्स और टेक्नोक्रेट्स ने कहा कि Atal Innovation Mission, Startup India, Stand-Up India और Digital India जैसी पहलों के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था में बदलाव आया है.