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Subhashitam

पीएम मोदी ने अथर्ववेद के एक मंत्र के जरिए प्रकृति और इंसान के गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया. इस वैदिक संदेश के माध्यम से उन्होंने क्लाइमेट चेंज के इस दौर में पर्यावरण संरक्षण और देश की समृद्धि की कामना की है.

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर 'आज का सुभाषित' साझा करते हुए बताया कि जैसे जमीन खोदने पर ही पानी मिलता है, वैसे ही सेवा और अनुशासन से ही विद्या प्राप्त होती है. गुरु और ज्ञान के महत्व पर आधारित यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज एक विशेष संस्कृत सुभाषित के जरिए देशवासियों को प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि सक्षम व्यक्ति के लिए कुछ भी भारी नहीं है और मेहनती के लिए कोई लक्ष्य दूर नहीं. यह पोस्ट युवाओं को कौशल विकास और परिश्रम के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से साझा की गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज का 'सुभाषितम्' ईशावास्य उपनिषद के उस शांति पाठ पर आधारित है जो ब्रह्मांड की अनंतता और इंसान की आंतरिक पूर्णता को समझाता है. पीएम का यह संदेश एक छात्र से लेकर एक लीडर तक, हर किसी को अभाव से मुक्त होकर निस्वार्थ सेवा करने की प्रेरणा देता है.