सुप्रीम कोर्ट ने मुसलमानों में प्रचलित तलाक-ए-हसन, तलाक-ए-अहसन और तलाक-ए-किनाया पर NHRC, NCW और NCPCR से मांगी राय
कोर्ट ने प्रभावित महिलाओं और विवाहेत्तर संबंधों से पैदा हुए बच्चों पर तलाक -ए-हसन के प्रभाव की जांच करने के लिए राय मांगी है. कोर्ट नवंबर को तीसरे हफ्ते में इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.





