Bharat Express DD Free Dish

up politics

मेरठ में भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने बांग्लादेशी घुसपैठ, आईपीएल और आगामी चुनावों पर बड़ा बयान दिया है. सोम ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में पहली बार 'भारतीयों की सरकार' बनी है, जबकि पहले वहां आतंकियों का राज था.

लखनऊ में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि संत समाज को जाति-धर्म से ऊपर उठाकर एकता का संदेश देते हैं.

Akhilesh Yadav Press Conference: उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बड़ा दांव खेला है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वादा किया कि मुख्यमंत्री बनते ही वे 90 दिनों के भीतर 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के विवाद को सुलझाएंगे और अपने PDA फॉर्मूले के तहत राज्य में जातीय जनगणना कराएंगे.

SP Spokesperson Controversy: सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी की ब्राह्मण समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद उपजे राष्ट्रव्यापी आक्रोश के बीच, बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा मुखिया अखिलेश यादव को तुरंत माफी मांगने और पश्चाताप करने की नसीहत दी है.

BSP Mission 2027: बीएसपी ने मिशन 2027 के तहत जालौन की माधौगढ़ सीट से अपना पहला प्रत्याशी घोषित कर दिया है. पार्टी बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और ब्राह्मण वोटरों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है.

उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मेरठ में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संघ से जुड़े रहने और अन्य लोगों को जोड़ने के लिए पांच मंत्र दिया है.

प्रयागराज में बटुक ब्राह्मणों की शिखा खींचने के विवाद पर सियासी घमासान जारी है. डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने बटुकों से मुलाकात कर सम्मान जताया, जबकि विपक्ष ने सरकार को घेरा...

UGC एक्ट के विरोध में इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने ‘सनातनी संस्कृति पार्टी’ बनाकर यूपी की राजनीति में एंट्री की है. देवरिया महापंचायत में उन्होंने 2027 में काशी से चुनाव लड़ने के संकेत दिए और अब बलरामपुर पहुंचकर सरकार पर सवर्ण असंतोष का मुद्दा उठाया..

Naseemuddin Siddiqui joins SP: कभी बसपा सरकार में ‘मिनी सीएम’ कहे जाने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी कांग्रेस छोड़ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. जानें उनका राजनीतिक सफर और 2027 यूपी चुनाव पर इसका असर.

लखनऊ में आयोजित होने जा रही “एक कौम एक वतन–हिंदुस्तान” संगोष्ठी राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक देशभक्ति और सामाजिक सद्भाव के संदेश को केंद्र में रखेगी, जिसमें राजनीति, शिक्षा और नागरिक समाज की प्रभावशाली हस्तियां एक मंच पर दिखेंगी.