Bharat Express DD Free Dish

UPI transactions

UPI Transactions: भारत सरकार ने 2000 रुपये तक के UPI और RuPay Debit Card भुगतान पर किसी भी तरह का शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया है. यह कदम छोटे व्यापारियों और रोजमर्रा की डिजिटल खरीदारी को बढ़ावा देने के साथ UPI के नए आर्थिक मॉडल की ओर इशारा करता है.

दिसंबर महीने में UPI ट्रांजैक्शन ने नया रिकॉर्ड बना दिया है. दिसंबर के आंकड़े बताते हैं कि सालाना आधार पर ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 29% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है.

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) लेनदेन में फेस्टिव सीजन में बढ़त दर्ज की गई है और औसत प्रतिदिन लेनदेन की वैल्यू सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में 13 प्रतिशत बढ़कर 94,000 करोड़ रुपए पर पहुंच गई है.

जून में UPI ने 18.39 अरब ट्राजैंक्शन के माध्यम से 24.03 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा के पेमेंट किए. पिछले साल इसी महीने जब 13.88 अरब ट्राजैंक्शन हुए थे. सिर्फ एक साल में लगभग 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से जारी किए गए डेटा के मुताबिक, मई में यूपीआई लेनदेन की संख्या 18.68 अरब रही है.

मार्च 2025 में UPI ट्रांजेक्शन ने नया रिकॉर्ड बनाया, कुल ₹24.77 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ. यह फरवरी की तुलना में 12.7% और सालाना 25% अधिक है.

आंकड़ों से पता चलता है UPI लेन-देन वैल्यू में पिछले साल 35% बढ़कर लगभग 247 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि 2023 में यह 183 लाख करोड़ रुपये था. वार्षिक आधार पर, UPI लेन-देन में मात्रा में 39% की वृद्धि और मूल्य में 28% की वृद्धि देखी गई.

यूपीआई ने फाइनेंसियल ट्रांजैक्शन को तेज, सुरक्षित और आसान बना दिया है. इससे न केवल व्यक्तियों को बल्कि छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को भी सशक्त किया गया है. यह देश को नकद लेनदेन से डिजिटल पेमेंट की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा रहा है.