Explained: लूला की जीत से भारत की चमकी किस्मत! जानिए ब्राजील के इस बड़े उलटफेर से ड्रैगन और अमेरिका को क्यों लगी मिर्ची?
India Brazil Relations: ब्राजील में लूला डा सिल्वा की वापसी से भारत के साथ रणनीतिक और आर्थिक रिश्ते कैसे मजबूत होंगे? जानिए व्यापार, ब्रिक्स और ग्लोबल साउथ पर इसके गहरे असर की पूरी कहानी.
‘अब नहीं चलेगा आर्थिक पाबंदियों का चाबुक…’ जानिए BRICS के विस्तार से क्यों घबरा रहे पश्चिमी देश?
ब्रिक्स संगठन का बढ़ता दायरा पश्चिमी देशों के आर्थिक दबदबे और प्रतिबंध लगाने की ताकत को सीधी चुनौती दे रहा है, जिससे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का संतुलन तेजी से बदल रहा है.
डॉलर की बादशाहत होगी खत्म! जानिए क्या है BRICS करेंसी और भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?
BRICS करेंसी को लेकर फैलाई जा रही खबरें महज अफवाह हैं. भारत ने साफ किया है कि वह रुपये को मजबूत करने और स्थानीय मुद्रा में व्यापार पर ध्यान देगा, किसी नई करेंसी पर नहीं.
तानाशाही या हद पार सनक! 165 साल पुराना नियम तोड़ अमेरिकी डॉलर पर ट्रंप के दस्तखत क्यों?
अमेरिकी ट्रेजरी ने घोषणा की है कि पहली बार किसी मौजूदा राष्ट्रपति का हस्ताक्षर भविष्य में छपने वाले अमेरिकी डॉलर नोटों पर दिखाई देगा. इस फैसले ने 1861 से चली आ रही परंपरा को समाप्त कर दिया है और अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज हो गई है...
250 साल में सबसे कमजोर! डॉलर भी कई बार धराशायी हुआ, निक्सन शॉक से लेकर कोरोना तक की कहानी
US Dollar Decline History: अमेरिकी डॉलर को दुनिया की सबसे ताकतवर मुद्रा माना जाता है लेकिन इतिहास में कई बार यह बुरी तरह गिरा है.
क्या डूबने वाला है अमेरिकी डॉलर? वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने चली चाल, सोने की खरीदारी दोगुनी होने से हिली ट्रंप की हुकूमत
दुनिया के कई केंद्रीय बैंक हाल के वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर सोना खरीद रहे हैं और विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता ला रहे हैं. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इसे सीधे वैश्विक मंदी या युद्ध का निश्चित संकेत मानना जल्दबाजी होगी, लेकिन यह बढ़ती भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं का संकेत जरूर है.
Rupee vs Dollar: गिरता ही जा रहा रुपया…जानें अब 1 अमेरिकन डॉलर के मुकाबले कितने रुपये चाहिए होंगे
डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर हो रहा है. आज (सोमवार) को इंट्रा-डे कारोबार में यह 90.75 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया.
India Forex Reserves: 1 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर को छू सकता है भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, समझिए कैसे पकड़ रहा रफ्तार
कोरोना महामारी के बाद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7,100 करोड़ अमेरिकी डॉलर से कम हुआ था, परंतु वर्ष 2022 के बाद से यह अब लगातार उतनी ही तेज गति से आगे भी बढ़ रहा है। और, अब तो यह उम्मीद की जा रही है कि आगे आने वाले समय में यह एक लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर को भी पार कर जाएगा।







