क्लासरूम के बाहर: कैसे देवबंद सम्मेलन में अल्पसंख्यक संस्थाएं गढ़ रही हैं भारत का भविष्य
देवबंद के इस्लामिया डिग्री कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन 'विकसित भारत @2047' ने अल्पसंख्यक संस्थानों की भूमिका को नए सिरे से परिभाषित किया है. डॉ. इंद्रेश कुमार और एनसीएमईआई के प्रो. शाहिद अख्तर जैसे दिग्गजों ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक संस्थान केवल संस्कृति के संरक्षक नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के गतिशील इंजन हैं
भारत का विकास मॉडल अन्य देशों के लिए बन सकता है आदर्श: CEA नागेश्वरन
भारत का विकास मॉडल अन्य देशों के लिए एक आदर्श बन सकता है. मजबूत नीतियों, व्यापारिक सहयोग और आर्थिक सुधारों के साथ, भारत अगले 25 वर्षों में 13 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है.







