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Voter-List

UP SIR: उत्तर प्रदेश में SIR के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 2.89 करोड़ नाम हटाए गए हैं. जानें ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करने का आसान तरीका और जरूरी तारीखें.

तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गठबंधनों की जटिल स्थिति बनी हुई है. भाजपा और एआईएडीएमके का एनडीए गठबंधन मजबूत होने का प्रयास कर रहा है, जबकि द्रमुक अपने सहयोगियों के साथ सीटों और सत्ता के लिए दबाव झेल रही है.

भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) और उनके भाई मोहम्मद कैफ को चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत बुलाया है. क्रिकेट मैचों में व्यस्त होने के कारण शमी सुनवाई में शामिल नहीं हो सके.

राज्यसभा सांसद और यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा (Dr. Dinesh Sharma) ने सरोजनीनगर विधानसभा में अटल जन्म शताब्दी समारोह और SIR संगोष्ठी में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि चुनावी जीत सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची में छूटे नाम जोड़ना आवश्यक है.

Madhya Pradesh Voter List Draft: मध्यप्रदेश चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया है. इसमें 42.74 लाख नाम हटाए गए हैं, जिनमें पुरुष और महिला दोनों शामिल हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के समय सीमा बढ़ाने की याचिकाओं पर चुनाव आयोग से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है.

बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अब कई अन्य राज्यों में भी इसी प्रक्रिया को लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में गुजरात में भी SIR प्रक्रिया शुरू की गई है। इस दौरान पता चला है कि पूरे राज्य की वर्तमान वोटर लिस्ट में करीब 17 लाख मृतक वोटर अभी भी शामिल हैं।...

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि यह प्रक्रिया केवल मतदाता सूची सुधार नहीं, बल्कि देश की मूल संरचना को कमजोर करने की कोशिश है। उनका आरोप है कि वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों के अधिकार प्रभावित होंगे। उन्होंने जनता और सभी दलों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर जागरूक रहें और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करें।

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाया हैं. कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि इस बार की SIR प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और बीएलओ पर दबाव बढ़ गया है.

उत्तर प्रदेश में शुरू हुए SIR यानी Special Intensive Revision का पूरा उद्देश्य वोटर लिस्ट को साफ और सही बनाना है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट, मृतक और फर्जी वोट हटाए जाते हैं ताकि चुनाव पारदर्शी रहें। बिहार में भी यह प्रक्रिया हो चुकी है जहाँ लाखों नाम हटाए गए थे। यूपी में भी अनुमान है कि 30–50 लाख नाम कट सकते हैं, इसलिए जागरूक रहना बहुत ज़रूरी है। अपना नाम वोटर लिस्ट में अवश्य जांचें, जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और अगर कोई गलती दिखे तो तुरंत सुधार करवाएँ। SIR आपके वोट को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया है।