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सुप्रीम कोर्ट ने SIR की समय सीमा बढ़ाने की मांग पर चुनाव आयोग से मांगा जवाब, कोर्ट 6 जनवरी को करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के समय सीमा बढ़ाने की याचिकाओं पर चुनाव आयोग से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के वशेष गहन पुनरीक्षण की समय सीमा बढ़ाने की मांग वाली याचिकाओं पर चुनाव आयोग से जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि एसआईआर को लेकर समय सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर आई प्रतिक्रियाओं पर 31 दिसंबर तक अपना निर्णय ले और अदालत को सूचित करें.

कोर्ट 6 जनवरी को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि केरल में करीब 25 लाख नामों को मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका है. उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि ऐसे मामले सामने आए है जहां पति का नाम सूची में है, लेकिन पत्नी का नाम हटा दिया गया है, जो गंभीर चिंता का विषय है.

SIR याचिकाओं पर कोर्ट ने जताई नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 9 दिसंबर के आदेश के बाद दायर प्रस्ताव पर विचार करेगा और 31 दिसंबर तक फैसला करेगा. इससे पहले सुनवाई के दौरान एसआईआर को लेकर दायर हो रहे याचिकाओं पर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की है. मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि ऐसे ही याचिका दाखिल होती रहेगी तो, याचिकाओं पर सुनवाई कब होगी. कोर्ट ने कहा था कि लगातार याचिका दायर करने से मुख्य मामले की सुनवाई प्रभावित होगी. एसआईआर कार्यों में लगे बीएलओ की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं में बीएलओ की सुरक्षा और प्रशासनिक निर्देश पूरे देश में लागू होगा.

सीजेआई ने कहा था कि जमीनी स्तर पर बीएलओ को मिल रही धमकियां गंभीर मुद्दा बन सकती है, कोर्ट ने कहा था कि सुरक्षा को नजरअंदाज नही किया जा सकता है. मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से पेश वकील ने कहा था कि बीएलओ की सुरक्षा राज्य पुलिस के सहयोग पर निर्भर है, लेकिन जरूरत पड़ी तो केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती किया जा सकता है.

कोर्ट ने यह भी कहा था कि प्रभावित कर्मचारी राज्य चुनाव आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी से सुरक्षा को लेकर संपर्क कर सकते है.

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-भारत एक्सप्रेस



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