दूसरों के घरों में बर्तन मांझकर की पढ़ाई, फिर कैसे बने ‘विद्यासागर’? जानिए इस महान समाज सुधारक की दास्तान
Ishwar Chandra Vidyasagar Biography: ईश्वरचंद्र विद्यासागर भारत के महान समाज सुधारक, शिक्षाविद और दया के प्रतिमूर्ति थे. उन्होंने संघर्षों से 'विद्यासागर' की उपाधि हासिल की और विधवा पुनर्विवाह व नारी शिक्षा के लिए ऐतिहासिक बदलाव किए.
हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम के 170 साल, जानिए कैसे ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने दिलाई महिलाओं को नई जिंदगी
16 जुलाई 1856 भारतीय सामाजिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन है, जब हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम को मंजूरी मिली. इस कानून ने विधवा महिलाओं को दोबारा विवाह करने का कानूनी अधिकार दिया और समाज में लंबे समय से चली आ रही रूढ़ियों को चुनौती दी.
7 दिसंबर 1856 : जब एक हिंदू विधवा का पहला कानूनी पुनर्विवाह हुआ
कोलकाता के सुकेश लेन की गली नंबर 12 उस दिन पूरे शहर का केंद्र बन गई थी. हर सड़क मानो उसी घर की ओर जा रही थी, जहां प्रेसीडेंसी कॉलेज के प्रोफेसर राजकृष्ण बंद्योपाध्याय का घर था.





