जिस कहानी पर चला था मुकदमा… जानिए कौन थीं बेबाक लेखिका इस्मत चुगताई?
इस्मत चुगताई ने अपने बेबाक लेखन से उर्दू साहित्य में महिलाओं की आवाज को नई पहचान दी। उन्होंने समाज के उन सच को सामने रखा, जिन पर बात करने से लोग अक्सर बचते थे.
राजकमल ने मनाया हिन्दी उपन्यास का स्त्री वर्ष, नौ स्त्री कथाकारों के उपन्यास एकसाथ हुए प्रकाशित
राजकमल प्रकाशन समूह ने इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘हिन्दी उपन्यास का स्त्री वर्ष: भेंट, पाठ, चर्चा’ का आयोजन किया. कार्यक्रम में नौ समकालीन स्त्री उपन्यासकारों की कृतियों का चयनित अंशों के माध्यम से पाठ और परिचय प्रस्तुत किया गया.
राजकमल मना रहा ‘हिन्दी उपन्यास का स्त्री वर्ष’, नौ लेखिकाओं के नए उपन्यासों का 3 दिसम्बर को एकसाथ होगा लोकार्पण
राजकमल प्रकाशन समूह हिन्दी उपन्यास का स्त्री-वर्ष मना रहा है. 3 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय राजधानी के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में हिन्दी की नौ प्रमुख स्त्री-कथाकारों के उपन्यास एकसाथ लोकार्पित किए जाएंगे.
Sunita Jain Books: शब्दों से संवेदना गढ़ने वाली कवयित्री, हिंदी-अंग्रेजी साहित्य की सेतु निर्माता
13 जुलाई 1941 को अंबाला में जन्मी सुनीता जैन ने हिंदी और अंग्रेजी साहित्य दोनों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज की. 70 से अधिक पुस्तकों की रचनाकार, पद्मश्री सम्मानित और स्त्री अस्मिता की आवाज रहीं सुनीता जैन का लेखन आज भी प्रेरित करता है.





