बेगमपुल से दरियागंज: देसी पल्प की दिलचस्प दास्तान
खक- संपादक यशवंत व्यास की हालिया किताब "बेगमपुल से दरियागंज" हिंदी साहित्य की उस अनदेखी, लेकिन जीवंत दुनिया का एक ऐसा दस्तावेज है जो 'पल्प' या लुगदी साहित्य के शौकीनों के लिए किसी खजाने से कम नहीं.

खक- संपादक यशवंत व्यास की हालिया किताब "बेगमपुल से दरियागंज" हिंदी साहित्य की उस अनदेखी, लेकिन जीवंत दुनिया का एक ऐसा दस्तावेज है जो 'पल्प' या लुगदी साहित्य के शौकीनों के लिए किसी खजाने से कम नहीं.