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Human Skull for Sale: शमशान से गायब हो रही थीं इंसानी खोपड़ी और हड्डियां, राज खुला तो लोगों के उड़ गए होश

लंदन से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. वहां इंसानी खोपड़ियों और हड्डियों की बिक्री अचानक तेजी से बढ़ रही है. यही नहीं, ममीकृत अंग, सिकुड़े हुए सिर और यहां तक कि इंसानी चमड़े से बने मास्क और पर्स भी इस लिस्ट में शामिल हैं.

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Human Skull for Sale: लंदन से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. वहां इंसानी खोपड़ियों और हड्डियों की बिक्री अचानक तेजी से बढ़ रही है. सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन यूके की कई ऑनलाइन साइट्स और छोटी दुकानों पर अब ऐसे सामान खुलेआम बिक रहे हैं.

और यही नहीं, ममीकृत अंग, सिकुड़े हुए सिर और यहां तक कि इंसानी चमड़े से बने मास्क और पर्स भी इस लिस्ट में शामिल हैं. अब सवाल उठ रहा है कि इंसानी खोपड़ियों और हड्डियों की मांग अचानक इतनी कैसे बढ़ रही है?

रहस्यमयी चीजों की बढ़ती चाह

विशेषज्ञों का कहना है कि इन वस्तुओं की मांग उन लोगों के बीच बढ़ रही है, जो इन्हें किसी तरह की “सुपरनैचुरल पावर” या रहस्यमयी वस्तु मानते हैं. कुछ लोग इन्हें अपने कलेक्शन के तौर पर खरीदते हैं तो कुछ धार्मिक या तांत्रिक मान्यताओं के कारण इनकी तरफ खिंचे चले आते हैं. सोशल मीडिया ने भी इस अनोखे बाजार को और ज्यादा हवा दी है.

विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

ब्रिटेन की मशहूर फॉरेंसिक वैज्ञानिक डेम सू ब्लैक ने इस ट्रेंड को बेहद खतरनाक बताते हुए चेतावनी दी है. उनके मुताबिक, यह चलन “बॉडी स्नैचिंग” यानी कब्रों से शव निकालने जैसे अपराधों को बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब पक्षियों के घोंसले की बिक्री तक पर रोक लग सकती है, तो इंसानी अवशेषों की खरीद-फरोख्त को कानूनी छूट क्यों मिली हुई है?

ब्लैक कहती हैं- “हम किसी की मौत के बाद यही तो चाहते हैं कि वह शांति से आराम करे. लेकिन अगर उसकी कब्र खोदकर उसके शरीर के हिस्से बाजार में बेचे जाएं तो इसे कैसे स्वीकार किया जा सकता है?”

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कानून की कमजोरी

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की डॉ. ट्रिश बियर्स बताती हैं कि पिछले कुछ सालों में इस तरह के कारोबार में तेजी आई है. दिलचस्प बात यह है कि ब्रिटेन में किसी कब्र को नुकसान पहुंचाना अपराध माना जाता है, लेकिन इंसानी हड्डियों या अवशेषों को कानूनी रूप से “संपत्ति” का दर्जा नहीं मिला है.

इसका मतलब यह है कि अगर कोई इन्हें चोरी करके भी निकाल ले, तो उनकी बिक्री को सीधे-सीधे अपराध नहीं माना जाएगा. यही कानूनी खामी इस पूरे काले कारोबार को ताकत दे रही है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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