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देशभर में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ और झुलसाने वाली गर्मी के बीच अब घरों और दफ्तरों में लगे एयर कंडीशनर (AC) राहत देने के बजाय आफत का सबब बनते जा रहे हैं. हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से AC ब्लास्ट होने और उससे लगने वाली भीषण आग की कई ऐसी खौफनाक घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है.
अभी हाल ही में 3 मई 2026 को दिल्ली के विवेक विहार में हुए एक भयंकर AC ब्लास्ट ने 9 मासूमों की जान ले ली, जबकि मार्च 2026 में पालघर में कंप्रेसर फटने से 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई. इससे पहले साल 2025 में भी बहादुरगढ़, गाजियाबाद और फरीदाबाद में हुए ऐसे ही धमाकों में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इन लगातार होते हादसों ने अब यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ठंडी हवा देने वाली यह मशीन आखिर कब और कैसे एक जिंदा बम में तब्दील हो जाती है.
क्यों अचानक प्रेशर कुकर की तरह फट जाता है AC?
बाजार के बड़े तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों का मानना है कि जब बाहर का तापमान 45 डिग्री के पार चला जाता है, तो AC के बाहरी यूनिट (आउटडोर कंप्रेसर) पर दबाव तीन गुना बढ़ जाता है. जब लोग तपती गर्मी में अपने AC को लगातार 12 से 18 घंटे बिना ब्रेक दिए 16 या 18 डिग्री पर चलाते हैं, तो कंप्रेसर के अंदर का तापमान और दबाव एक प्रेशर कुकर की तरह बढ़ने लगता है.
अगर कंप्रेसर को बाहर की गर्म हवा फेंकने के लिए सही वेंटिलेशन और जगह नहीं मिलती, तो वह अत्यधिक ओवरहीटिंग के कारण सीधे बम की तरह ब्लास्ट हो जाता है. इसके अलावा, आजकल के आधुनिक एसी में इस्तेमाल होने वाली रेफ्रिजरेंट गैसें (जैसे R-32) बेहद ज्वलनशील होती हैं, जो एक छोटी सी चिंगारी मिलते ही पूरे घर को मलबे और आग के ढेर में बदल देती हैं.
गैस लीकेज और शॉर्ट सर्किट सबसे बड़ा कारण(AC Blasts Causes)
एसी फटने के पीछे एक और सबसे बड़ा कारण बिजली का फ्लक्चुएशन और वायरिंग में होने वाला शॉर्ट सर्किट है. भीषण गर्मी के कारण अक्सर वोल्टेज ऊपर-नीचे होता रहता है, जिससे एसी की तारों पर लोड बढ़ता है. अगर घर की वायरिंग कमजोर है या एसी के लिए सही रेटिंग की एमसीबी (MCB) नहीं लगाई गई है, तो तारें आपस में चिपक कर चिंगारी पैदा करती हैं.
सबसे खतरनाक स्थिति तब होती है जब एसी के इनडोर या आउटडोर यूनिट से धीरे-धीरे गैस लीक हो रही हो और उसी समय वायरिंग में एक छोटा सा शॉर्ट सर्किट हो जाए. यह गैस और चिंगारी का कॉम्बिनेशन पल भर में एक भयंकर विस्फोट को जन्म देता है, जिससे कमरे के परखच्चे उड़ जाते हैं और भागने का मौका भी नहीं मिलता.
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मौत के इस जाल से कैसे बचें? (AC Blasts Prevention)
इस जानलेवा खतरे से बचने के लिए सबसे पहली और जरूरी शर्त यह है कि अपने एसी को कभी भी 16 या 18 डिग्री के न्यूनतम तापमान पर न चलाएं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एसी को हमेशा 24 से 26 डिग्री के बीच ही सेट रखना चाहिए, क्योंकि इस तापमान पर कंप्रेसर को बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती और बिजली की बचत के साथ-साथ मशीन भी पूरी तरह सुरक्षित रहती है. इसके साथ ही, लगातार कई घंटों तक एसी चलाने की गलती बिल्कुल न करें. हर 6 से 8 घंटे के इस्तेमाल के बाद एसी को कम से कम आधे घंटे का आराम जरूर दें ताकि कंप्रेसर को ठंडा होने का समय मिल सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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