होली के रंग कैसे छुड़ाएं? आसान और असरदार 10 तरीके
देश की राजधानी समेत पूरे उत्तर भारत में कोहरे का प्रभाव देखने को मिल रहा है. वहीं इसे देखते हुए रेलवे ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है. कोहरे के प्रभाव को दखते हुए रलवे ने बीते दिन यानी मंगलवार को लगभग तीन दर्जने से अधिक ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है. बता दें कि रेलवे ने ये फैसला बढ़ते ठंड और कोहरे को देखते हुए लिया है.
रद्द की गई ट्रेनों में कुछ ट्रेनों को तुरंत ही कैंसिल करने का फैसला लिया गया. साथ ही कुछ ट्रेनों को 1 दिसंबर से रद्द किया जा रहा है. रेलवे ने बताया कि ये ट्रेनें 29 फरवरी तक रद्द की गई है.
वहीं इस पर रलवे के एक अधिकारी ने बताया कि ठंड के मौसम में कोहरे में चलने वाली ट्रेनों के परिचालन को समान्य रखने के लिए ये फैसला लिया गया है. बता दें कि कैंसिल ट्रेनों में दिल्ली के विभिन्न्न स्टेशनों से शामली, गाजियाबाद, कोसी कला, फारुख नगर आदि तक जाने वाली गाड़ियों के नाम शामिल हैं. इनमें से छोटी दूरी की रेल गाडियों के नाम ज्यादा शामिल है. इससे पहले भी रेलवे ने 62 रेलगाड़ियां कोहरे को देखते हुए रद्द कर चुका है.
मिली जानकारी के अनुसार भोपाल-इटारसी रेल खंड पर भी कई ट्रेनों को कैंसिल किया गया है. इस पर भोपाल मंडल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की है, जिसमें भोपाल-इटारसी रेल खंड पर बुदनी-बरखेड़ा के बीच तीसरी लाइन चालू करने के लिए 09 दिसंबर तक बुदनी, मिडघाट, चौका एवं बरखेड़ा स्टेशनों पर प्री नॉन, नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य जारी है, जिसे देखते हुए यहां आने जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.
बता दें कि इनमें कुछ ट्रेनों को प्रारंभिक स्टेशन से निरस्त या आंशिक निरस्त किया गया है जबकि कुछ के रुट में बदलाव किया गया है. साथ ही गाड़ी संख्या 19343 इंदौर-सिवनी पंचवेली एक्सप्रेस को 09 दिसंबर और ट्रेन संख्या 19344 छिंदवाड़ा-इंदौर पंचवेली एक्सप्रेस को 10 दिसंबर तक रद्द करने का फैसला लिया गया है.
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के 'हिंदू सांप्रदायिकता' वाले बयान पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ…
UK Bus Driver Attack Telford: ब्रिटेन के टेलफोर्ड में एक शख्स ने सिख बस ड्राइवर…
Hamid Ansari Statement: पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर में एजी नूरानी…
iPhone 18 Pro for Wife Gold Sold: नोएडा के Apple Store के बाहर एक शख्स…
Uttarakhand Glacier Melting: हिमालय के कई प्रमुख ग्लेशियर लगातार पीछे खिसक रहे हैं. इनमें टिहरी…
विश्वास पाटील का उपन्यास 'ग्रेट कंचना सर्कस' द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान बर्मा के जंगलों में…