Gold Silver Price Today: शुक्रवार का दिन सोने और चांदी के निवेशकों के लिए थोड़ी मायूसी लेकर आया. अगर आप आज जेवर खरीदने या निवेश करने की सोच रहे हैं, तो बाजार का मिजाज थोड़ा नरम है. ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों और बिकवाली के दबाव के चलते घरेलू सर्राफा बाजार में आज शुरुआती कारोबार में ही गिरावट देखने को मिली. सोने और चांदी, दोनों ही कीमती धातुओं के दाम करीब आधा प्रतिशत तक लुढ़क गए हैं.
MCX पर क्या है सोने का हाल?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सोने की शुरुआत सुस्त रही. कल के बंद भाव 1,51,761 रुपये के मुकाबले आज यह 1,51,167 रुपये पर खुला. जैसे-जैसे दिन चढ़ा, कीमतों में गिरावट और बढ़ गई. सुबह करीब पौने दस बजे तक, जून डिलीवरी वाला गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 718 रुपये की बड़ी गिरावट के साथ 1,51,043 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. आज के कारोबार में सोने ने 1,51,039 रुपये का निचला स्तर छुआ, जो यह बताता है कि बाजार में फिलहाल खरीदारी से ज्यादा बिकवाली का जोर है.
चांदी भी हुई सस्ती
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की चमक भी आज थोड़ी फीकी पड़ गई है. मई डिलीवरी वाली चांदी का भाव आज सीधा 2,39,200 रुपये पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 2,41,513 रुपये था. शुरुआती घंटों में ही चांदी करीब 842 रुपये टूटकर 2,40,671 रुपये के आसपास घूम रही थी. चांदी के व्यापारियों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा साबित हो रहा है.
विदेशी बाजारों का दबाव
भारतीय बाजार में आई इस गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मची हलचल है. कॉमेक्स (COMEX) पर सोना करीब 0.83 प्रतिशत गिरकर 4,684 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है, वहीं चांदी भी लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74.81 डॉलर के आसपास बनी हुई है.
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क्यों गिर रहे हैं दाम? क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं. मोतीलाल ओसवाल के कमोडिटी एक्सपर्ट मानव मोदी के अनुसार, अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोत्तरी सोने के लिए अच्छी खबर नहीं है. साथ ही, मिडिल ईस्ट के देशों में जारी तनाव के बीच अनिश्चितता ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है.
एक और बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतों को लेकर है. क्रूड ऑयल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है. अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने भी आग में घी डालने का काम किया है. बेहतर आंकड़ों की वजह से अब ऐसी उम्मीद कम है कि फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में कटौती करेगा. जब ब्याज दरें ऊँची रहने की संभावना होती है, तो आमतौर पर सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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