Bharat Express DD Free Dish

रनवे पर आने लगे जंगली जीव तो अलास्का हवाई अड्डे पर तैनात हुए लोमड़ी के वेश वाले रोबोट

Alaska Airport: अलास्का के दूसरे सबसे बड़े हवाई अड्डे पर प्रवासी पक्षियों और अन्य वन्यजीवों को बचाने के लिए लैब्राडोर रिट्रीवर के आकार का एक बिना सिर वाला रोबोट कोयोट या लोमड़ी के रूप में छिपाया जाएगा.

alska airport

alska airport

Alaska Airport: अलास्का के दूसरे सबसे बड़े हवाई अड्डे पर प्रवासी पक्षियों और अन्य वन्यजीवों को बचाने के लिए लैब्राडोर रिट्रीवर के आकार का एक बिना सिर वाला रोबोट कोयोट या लोमड़ी के रूप में छिपाया जाएगा. अलास्का परिवहन और सार्वजनिक सुविधा विभाग ने नए रोबोट का नाम ऑरोरा रखा है और कहा है कि यह “सुरक्षा और संचालन को बढ़ाने और बढ़ाने” के लिए फेयरबैंक्स हवाई अड्डे पर काम करेगा. परिवहन विभाग द्वारा हाल ही में इसे लेकर एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें पहाड़ से लेकर सीढ़ियों पर रोबोट को चढ़ते उतरते दिखाया गया है. वहीं इस दौरान वह बखूबी डांस करते हुए भी दिखे.

अलास्का हवाई अड्डे पर तैनात हुए लोमड़ी के वेश वाले रोबोट

परिवहन विभाग के कार्यक्रम प्रबंधक रयान मार्लो ने कहा है कि यह योजना विमानों और वन्यजीवों के बीच हानिकारक मुठभेड़ों को रोकने के प्रयास में हर घंटे रनवे के पास एक बाहरी क्षेत्र में गश्त करे. उन्होंने कहा कि रोबोट को बदलने योग्य पैनलों को बदलकर कोयोट या लोमड़ी के रूप में छिपाया जा सकता है. मार्लो ने पिछले सप्ताह विधायकों से कहा, “इसका एकमात्र उद्देश्य एक शिकारी के रूप में कार्य करना है और हमें अन्य साधनों का उपयोग किए बिना वन्यजीवों में उस प्रतिक्रिया को लागू करने की अनुमति देना है.”

एंकोरेज हवाई अड्डे के पास दिखा सूअर

मार्लो ने कहा कि एजेंसी ने यह सुनिश्चित करने के लिए जानवरों के फर का उपयोग न करने का निर्णय लिया कि ऑरोरा जलरोधक बना रहे. रोबोट का उपयोग करने का विचार तब आया जब अधिकारियों ने अंगूर के रस सहित छिड़काव करने वाले ड्रोन को इस्तेमाल करने की योजना को अस्वीकार कर दिया. 1990 के दशक में अधिकारियों द्वारा एंकोरेज हवाई अड्डे के पास एक झील में सूअरों को देखा गया था, इस उम्मीद के साथ कि वे विमान लैंडिंग क्षेत्रों के पास जलपक्षी अंडे खाएंगे.

ये भी पढ़ें:1 अप्रैल से होने जा रहे हैं ये 6 बड़े बदलाव, NPS से लेकर क्रेडिट कार्ड तक शामिल, जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

कई हवाई अड्डों ने रोबोट किए लागू

मार्लो ने कहा कि फेयरबैंक्स में परीक्षण अवधि में यह भी देखा जाएगा कि ऑरोरा बड़े जानवरों के लिए कितना प्रभावी होगा और यह भी देखा जाएगा कि मूस और भालू रोबोट पर कैसे प्रतिक्रिया देंगे. फेयरबैंक्स हवाई अड्डे “ऑरोरा के उपयोग के माध्यम से वन्यजीव शमन में देश का नेतृत्व कर रहा है. एजेंसी के प्रवक्ता डेनिएल टेसेन ने कहा, देश भर के कई हवाई अड्डों ने सफाई, सुरक्षा गश्ती और ग्राहक सेवा जैसे कई कार्यों के लिए रोबोट लागू किए हैं.

अलास्का हवाई अड्डे पर हुए थे जानवरों के हमले

अलास्का में, वन्यजीव सेवा टीमों का इस्तेमाल वर्तमान में पक्षियों और अन्य वन्यजीवों को तेज आवाज से डराने के लिए किया जाता है, कभी-कभी पेंटबॉल गन से भी. पिछले साल अलास्का भर में हवाई अड्डों के पास 92 जानवरों के हमले हुए थे, जिनमें से 10 फेयरबैंक्स में थे. अधिकांश हमलों में विमान को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन मार्लो ने कहा कि दुर्लभ उदाहरणों में मुठभेड़ महंगी और खतरनाक हो सकती है जब एक पक्षी इंजन में फंस जाता है, जिससे संभावित रूप से दुर्घटना हो सकती है.

हंस के झुंड से टकराया AWACS जेट

1995 में एक AWACS जेट हंस के झुंड से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 24 लोगों की मौत हो गई थी. मार्लो ने कहा कि यदि परीक्षण सफल साबित होता है, तो एजेंसी अलास्का के छोटे हवाई अड्डों पर इसी तरह के रोबोट भेज सकती है, जो मानव निवारक टीमों को काम पर रखने की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकता है. उन्होंने कहा, ऑरोरा को एक टेबल, कंप्यूटर या स्वचालित शेड्यूल से नियंत्रित किया जा सकता है, इसके साथ हमेशा एक मानव हैंडलर रहेगा. यह बारिश या बर्फ में भी नेविगेट कर सकता है.

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read