Bharat Express DD Free Dish

पहलगाम हमले के बाद सरकार पर सवाल उठाने वाले कथित पोस्ट के मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पोस्ट करने के आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी. कोर्ट ने कहा कि सरकार यह साबित नहीं कर पाई कि जमानत से समाज या जांच पर गंभीर असर पड़ेगा.

Allahabad High Court
Edited by Akansha

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जम्मू और कश्मीर में हाल ही में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद सरकार पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर कथित तौर पर एक पोस्ट के आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी. आरोपी पर धारा 353 (3) और 152 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था. जमानत याचिका मंजूर करते हुए न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की पीठ ने कहा कि अपर शासकीय अधिवक्ता यह साबित करने में सक्षम नहीं थे कि आवेदक को राहत देने से बड़े पैमाने पर समाज पर असर पड़ेगा, या यदि उसे जमानत दी जाती है, तो स्वतंत्र, निष्पक्ष और पूर्ण जांच पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.

आवेदक अजाज अहमद के खिलाफ एफआईआर एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर द्वारा थाना -इज्जतनगर, बरेली में दर्ज की गई थी. जिसने दावा किया था कि जब शहर में आतंकवादी हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों की मौत पर शोक का माहौल था, तब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो गई थी. पोस्ट में कथित तौर पर कहा गया है ” ‘नाम पूछकर गोली मारी,चूरन बेचना बंद करें, असली मुद्दे पर आएं कि हमले के लिए जिम्मेदार कौन था”.

प्राथमिकी में आगे आरोप लगाया गया कि पोस्ट से सांप्रदायिक भावनाएं आहत हुईं और इससे समाज में वैमनस्य भड़क सकता है. खासकर ऐसे समय में जब लोग कैंडल मार्च और शांति अपील के लिए एक साथ आ रहे हैं. आवेदक की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने तर्क दिया कि यह मामला धारा 353 बीएनएस के अंतर्गत आता है, जिसके लिए सात साल से कम कारावास की सजा हो सकती है. उन्होंने आगे तर्क दिया कि सरकार के काम की आलोचना करना देश के खिलाफ़ काम नहीं माना जा सकता.

उन्होंने दलील दी कि आवेदक निर्दोष है, उसका कोई आपराधिक इरादा नहीं है तथा उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता. हालांकि, यह देखते हुए कि ऐसा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया.

जिससे पता चले कि इस कृत्य से समाज को व्यापक रूप से नुकसान पहुंचा है, या अग्रिम जमानत देने से जांच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ को बढ़ावा मिलेगा, अदालत ने आरोप पत्र दाखिल होने तक याची को जमानत दे दी.


ये भी पढ़े: कैंटीन कर्मचारी को पीटने के मामले पर विधायक संजय गायकवाड़ ने दी सफाई, बोले- सड़ा हुआ खाना परोसा गया, खाते ही मुझे उल्टी हुई, इसलिए….


भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read