प्रतीकात्मक तस्वीर.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिपाही भर्ती 2023 के घोषित परिणाम में स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे के श्रेणीवार कट ऑफ अंक की गलत व भ्रामक जानकारी देने पर नाराजगी जताई है. कोर्ट ने स्वतंत्रता सेनानी कोटे के अंतिम कट ऑफ अंक का पूरा ब्योरा मांगा है. साथ ही हिदायत दी है कि मांगी गई सही जानकारी नहीं दी गई तो 26 मई को भर्ती बोर्ड के सचिव को अदालत में खुद हाजिर होना होगा.
यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार की एकल पीठ ने सहारनपुर निवासी आकाश राणा व आंबेडकर नगर के अंकित पाठक की याचिका ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया.
अधिवक्ता ने नियमों के उल्लंघन की ओर दिलाया ध्यान
याची के अधिवक्ता सुनील यादव ने दलील दी कि उन्होंने सिपाही भर्ती 2023 के लिए जारी विज्ञापन के विपरीत भर्ती बोर्ड ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे में केवल सामान्य श्रेणी का कट ऑफ अंक जारी किया है. जबकि नियमानुसार क्षैतिज आरक्षण के तहत श्रेणीवार (ओबीसी, एसी/एसटी व ईडब्लूएस) का अलग अलग कटऑफ अंक जारी किया जाना चाहिए.
इसके अलावा स्वतंत्रता सेनानी कोटे में दो प्रतिशत पद आरक्षित है. इसके मुताबिक कुल 1204 सीट पर परिणाम जारी करना चाहिए था. जबकि परिणाम केवल 791 पदों पर जारी हुआ. 431 पद अभी भी खाली है. लिहाजा, खाली पदों समेत कुल 1204 पदों पर श्रेणीवार परिणाम जारी किया जाना चाहिए. इस पर पेश जानकारी में भर्ती बोर्ड ने बताया कि याचियों के अंक कटऑफ से कम होने के कारण इनका चयन नहीं हुआ.
कोर्ट ने जवाब को बताया अधूरा और भ्रामक
बोर्ड के जवाब को कोर्ट ने भ्रामक व आधी अधूरी मनाते हुए नाराजगी जाहिर की. कोर्ट ने स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे के तहत ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों के अंतिम कट ऑफ अंक पेश करने की मोहलत देते हुए पुलिस भर्ती बोर्ड के सचिव को तलब किया है. मामले में अगली सुनवाई 26 मई को होगी.
-भारत एक्सप्रेस
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