Uttar Pradesh News/Arun Chahal: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसे सुनकर हर माता-पिता की रूह कांप जाएगी. सोशल मीडिया और मोबाइल की लत के इस दौर में, एक 10 साल का हंसता-खेलता बच्चा अचानक मौत की आगोश में सो गया.
मामला धनौरा थाना क्षेत्र के जुझैला चक गांव का है, जहां मोबाइल पर रील देखते समय एक मासूम की जान चली गई. डॉक्टरों का मानना है कि यह हार्ट अटैक का मामला हो सकता है, जिसने इतनी कम उम्र में बच्चे को निशाना बनाया.
क्या हुआ था उस शाम?
मृतक बच्चे की पहचान मयंक के रूप में हुई है, जो महज चौथी कक्षा का छात्र था. मयंक के पिता दीपक कुमार एक साधारण किसान हैं. रोजाना की तरह मयंक स्कूल से घर लौटा था और सब कुछ बिल्कुल सामान्य लग रहा था. शाम के करीब पांच बज रहे थे, मयंक अपने घर के पलंग पर आराम से बैठकर मोबाइल फोन पर ‘रील’ देख रहा था.
अचानक वह देखते-देखते पीछे की तरफ पलट गया. घर वालों को लगा कि शायद वह मस्ती कर रहा है या वैसे ही लेट गया है, लेकिन जब काफी देर तक उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए.
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई सांसें
बेहोश मयंक को देख घर में कोहराम मच गया. परिवार वाले बिना एक पल गंवाए उसे लेकर गांव के ही एक निजी डॉक्टर के पास दौड़े. वहां बच्चे की नब्ज डूबती देख डॉक्टर ने उसे तुरंत मंडी धनौरा के बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी.
बदहवास पिता अपने बेटे को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. डॉक्टरों ने जांच के बाद मयंक को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम की सांसें थम चुकी थीं.
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हैरान कर देने वाली मेडिकल रिपोर्ट
इस घटना ने न केवल परिवार को बल्कि पूरे गांव को सन्न कर दिया है. पिता दीपक कुमार के मुताबिक, मयंक को पहले कभी कोई बीमारी नहीं रही थी. वह खेलता-कूदता और पूरी तरह सेहतमंद बच्चा था. डॉक्टरों की शुरुआती राय में यह ‘साइकिल अरेस्ट’ या अचानक आया हार्ट अटैक बताया जा रहा है.
हालांकि, पोस्टमार्टम न होने की वजह से मौत की सटीक मेडिकल वजह सामने नहीं आ सकी, क्योंकि गमगीन परिवार किसी कानूनी पचड़े में नहीं पड़ना चाहता था और उन्होंने मयंक का अंतिम संस्कार कर दिया.
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-भारत एक्सप्रेस
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