Ayodhya Deepotsav 2026: रामनगरी अयोध्या में इस साल का दीपोत्सव एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत 5 से 8 नवंबर तक आयोजित होने वाले 10वें दीपोत्सव में सरयू नदी के तट पर भव्य रूप से 27 लाख दीये प्रज्वलित किए जाएंगे. पिछले वर्ष 26 लाख से अधिक दीये जलाए गए थे, लेकिन इस बार उपलब्ध घाटों की पूरी क्षमता का उपयोग करते हुए यह नया कीर्तिमान स्थापित किया जाएगा.
अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने प्रशासनिक और शैक्षणिक बैठक के बाद तैयारियों का खाका साझा किया.
35 हजार वॉलंटियर्स और हाईटेक एंट्री
दीए प्रज्वलित करने और व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी अवध यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े कॉलेजों के करीब 35 हजार स्वयंसेवकों को सौंपी गई है.
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: अगले हफ्ते से वॉलंटियर्स का ऑनलाइन डेटाबेस तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी.
सुरक्षा और हाईटेक आईडी: सभी स्वयंसेवकों को विशेष हाईटेक आईकार्ड दिए जाएंगे. सुरक्षा के लिहाज से छोटे बच्चों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा.
छात्राओं की बड़ी भागीदारी: इस बार दीपोत्सव में हिस्सा लेने वाली छात्राओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी. घाटों को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर सफाई और पेयजल की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी.
स्वास्थ्य विभाग का 24 घंटे का इमरजेंसी प्लान
लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. देवेंद्र कुमार ने व्यापक स्वास्थ्य योजना बनाई है.
14 अस्थाई मेडिकल कैंप: लता मंगेशकर चौक, राम जन्मभूमि परिसर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और रेलवे स्टेशन जैसे 14 प्रमुख स्थलों पर 5 से 8 नवंबर तक मेडिकल कैंप 24 घंटे सक्रिय रहेंगे.
डॉक्टर और एम्बुलेंस: 45 चिकित्सा अधिकारी, 45 फार्मासिस्ट और 45 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहेंगे. इसके अलावा 10 प्रमुख चौराहों पर 24 घंटे एम्बुलेंस तैनात रहेंगी.
50 बेड रिजर्व: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में 20, जिला अस्पताल में 20 और श्रीराम अस्पताल में 10 बेड आरक्षित रखे गए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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