दीपोत्सव के दसवें संस्करण को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी
Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में दीपोत्सव के दसवें संस्करण को लेकर उत्साह चरम पर है. भगवान श्रीराम की नगरी को एक बार फिर रोशनी, संस्कृति और आधुनिक तकनीक के संगम से सजाया जा रहा है. इस बार आयोजन को पहले से अधिक भव्य और यादगार बनाने की तैयारी की गई है. शनिवार को सरयू तट पर 30 लाख से ज्यादा मिट्टी के दीपक जलाए जाएंगे, जबकि रात के समय 2100 ड्रोन आसमान में रामायण के प्रसंगों की अद्भुत झलक पेश करेंगे.
उपराष्ट्रपति होंगे मुख्य अतिथि
दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. यद्यपि सबसे बड़ा आयोजन शनिवार को होना है, लेकिन यह उत्सव 9 नवंबर तक जारी रहेगा. 8 नवंबर को भी अनेक सांस्कृतिक, धार्मिक और जनभागीदारी वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
नौ नवंबर को स्थानीय लोगों के लिए विशेष ड्रोन शो
इस बार आयोजन में स्थानीय नागरिकों को भी खास महत्व दिया गया है. 9 नवंबर को अयोध्यावासियों के लिए अलग से ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे 34 भारतीय राजदूतों को भी दीपोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है. राम की पैड़ी, प्रमुख मंदिरों और शहर के महत्वपूर्ण स्थलों पर सजावट का काम लगभग पूरा हो चुका है. पांच नवंबर से शुरू हुआ यह पांच दिवसीय उत्सव नौ नवंबर तक चलेगा.
सात दिन की मेहनत से तैयार हुआ विशाल राम दरबार
प्रसिद्ध रेत कलाकार मधुरेंद्र कुमार ने अपने चार सहयोगियों के साथ मिलकर राम कथा पार्क में भगवान राम के दरबार की भव्य रेत मूर्ति तैयार की है. यह कलाकृति 58 फीट लंबी है और इसे बनाने में लगभग 220 टन रेत का उपयोग किया गया है. इस विशाल रचना को तैयार करने में पूरी टीम को सात दिन का समय लगा.
56 घाटों पर एक साथ जगमगाएंगे दीप
दीपोत्सव का सबसे अहम कार्यक्रम 7 नवंबर को राम की पैड़ी पर आयोजित होगा. सरयू नदी के किनारे स्थित कुल 56 घाटों पर एक साथ 30 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए जाएंगे. इस रिकॉर्ड बनाने वाले आयोजन को सफल बनाने के लिए अयोध्या और आसपास के कॉलेजों के करीब 35 हजार छात्र विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं.
हर साल बढ़ता गया दीपोत्सव का दायरा
दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में लगभग 1.71 लाख दीपकों के साथ हुई थी. इसके बाद हर वर्ष आयोजन का विस्तार होता गया और नए रिकॉर्ड बनते गए. वर्ष 2025 में 26.17 लाख दीप जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था. इस बार 30 लाख से अधिक दीपक जलाकर उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की तैयारी की गई है.
सरयू महाआरती बनेगी विशेष आकर्षण
दीपोत्सव के दौरान सरयू महाआरती भी श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहेगी. इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, पार्षदों और आम नागरिकों सहित कुल 2,147 लोग सहभागी बनेंगे. वैदिक मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच होने वाली इस महाआरती के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं.
2100 ड्रोन से जीवंत होंगे रामायण के प्रसंग
तकनीक और परंपरा के मेल को दर्शाते हुए इस बार 2,100 स्वदेशी ड्रोन का उपयोग किया जाएगा. ये ड्रोन रात के आकाश में विभिन्न आकृतियां बनाते हुए रामायण की प्रमुख घटनाओं का प्रदर्शन करेंगे. पिछले दीपोत्सव में 1,100 ड्रोन इस्तेमाल किए गए थे, लेकिन इस बार उनकी संख्या लगभग दोगुनी कर दी गई है, जिससे शो और भी आकर्षक बनने वाला है.
लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और संगीत की प्रस्तुति
सरयू नदी में एक विशेष फ्लोटिंग स्टेज भी तैयार किया जा रहा है. इस मंच पर नृत्य, संगीत और हिंदी कथावाचन के माध्यम से भगवान राम की अयोध्या वापसी का दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा. कार्यक्रम में 8 मिनट का लेजर शो, 20 मिनट की प्रोजेक्शन मैपिंग और संगीत के साथ आतिशबाजी का भी आयोजन किया जाएगा.
रामायण थीम पर सजाया जाएगा पूरा शहर
दीपोत्सव के दौरान पूरी अयोध्या को रामायण के रंग में रंगा जाएगा. शहर में 13 थीम आधारित प्रवेश द्वार बनाए गए हैं. इसके साथ ही 20 विशेष सेल्फी पॉइंट भी तैयार किए जा रहे हैं. लता मंगेशकर चौक से लेकर राम की पैड़ी तक रामायण के विभिन्न प्रसंगों को कला और सजावट के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा.
AR तकनीक से 3D में दिखेंगे रामायण के दृश्य
पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है. इसके जरिए रामायण के पांच प्रमुख दृश्यों को 3D रूप में देखा जा सकेगा. Android और iOS एप के माध्यम से पर्यटक राम की पैड़ी पर निर्धारित स्थानों को स्कैन कर अपने आसपास रामायण के जीवंत दृश्य देख सकेंगे. इन अनुभवों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा करने की सुविधा भी रहेगी.
पांच करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य
डिजिटल आउटरीच अभियान के तहत देशभर में रील मेकिंग और पेंटिंग प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी. आयोजन समिति ने इस अभियान के माध्यम से करीब पांच करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया है.
सात कांडों पर आधारित निकलेंगी 22 झांकियां
दीपोत्सव में रामायण के सात कांडों की झलक दिखाने वाली 22 भव्य झांकियां भी निकाली जाएंगी. इनमें राम रथ, राम दरबार और पुष्पक विमान विशेष आकर्षण के केंद्र होंगे. रामकथा पार्क में सैंड आर्ट और रामायण आधारित अन्य कलात्मक कृतियों की भी प्रदर्शनी लगाई जाएगी.
विदेशी रामलीला दल भी करेंगे प्रस्तुति
इस बार आयोजन को वैश्विक स्वरूप देने के लिए दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड की रामलीला मंडलियों को आमंत्रित किया गया है. इन देशों के कलाकार अपनी भाषा, संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और नाट्य शैली के जरिए भगवान राम की कथा का मंचन करेंगे.
12 देशों और 13 राज्यों के कलाकार होंगे शामिल
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए पूरे शहर में 12 मंच तैयार किए गए हैं. इनमें छह छोटे, चार मध्यम और दो बड़े मंच शामिल हैं. इन मंचों पर लगभग 2,500 कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे. उत्तर प्रदेश के 16 जिलों के कलाकारों के साथ देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए कलाकार भी सहभागिता करेंगे. कुल 12 देशों और 13 राज्यों के कलाकार इस सांस्कृतिक महोत्सव का हिस्सा बनेंगे.
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लोक संस्कृति से गूंजेगी रामनगरी
कार्यक्रम के दौरान कर्नाटक का डोलू कुनिथा, राजस्थान का घूमर, बिहार का झिझिया, पीलीभीत की थारू संस्कृति और गोरखपुर का वनटांगिया नृत्य भी दर्शकों को देखने को मिलेगा. इसके अलावा देशभर के करीब 1,000 कलाकार समूह अयोध्या के अलग-अलग स्थानों पर प्रस्तुति देकर दीपोत्सव को सांस्कृतिक विविधता और भव्यता का अद्भुत रूप देंगे.
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