Bharat Express DD Free Dish

आंखों में आंसू और हाथ में बेटे का पासपोर्ट: म्यांमार में कैद राजन की रिहाई के लिए विदेश मंत्रालय पहुंची बेबस मां

आजमगढ़ का राजन मलेशिया में नौकरी करने गया था, लेकिन उसे अवैध रूप से म्यांमार भेजकर जेल में डाल दिया गया है. परिजनों का आरोप है कि उसे बेच दिया गया था. अब परिवार ने विदेश मंत्रालय से मदद मांगी है.

Azamgarh Youth Rajan Trapped in Myanmar Prison Family Seeks Help from MEA

Azamgarh Youth Trapped in Myanmar Prison: शुभम/आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए. घर की गरीबी दूर करने और सुनहरे भविष्य के सपने लेकर विदेश गया एक युवक आज सात समंदर पार म्यांमार की कालकोठरी में बंद है. यह कहानी है आजमगढ़ के रामपुर गोथुरा निवासी राजन की, जो गया तो था मलेशिया नौकरी करने, लेकिन धोखे और साजिश का शिकार होकर म्यांमार की जेल जा पहुंचा. अब उसका परिवार दाने-दाने को मोहताज है और बूढ़ी मां की आंखें बेटे की राह तकते-तकते पथरा गई हैं.

‘सौदेबाजी’ का शिकार

राजन के परिवार का दावा है कि वह मई 2025 में रोजी-रोटी की तलाश में मलेशिया गया था. वहां सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक उसे समुद्र के रास्ते अवैध तरीके से म्यांमार भेज दिया गया. परिजनों का आरोप बेहद गंभीर है; उनका कहना है कि राजन को एक कंपनी ने दूसरी कंपनी को ‘बेच’ दिया. म्यांमार पहुंचते ही वहां की सुरक्षा एजेंसियों ने उसे अवैध घुसपैठ के आरोप में हिरासत में ले लिया और तब से वह जेल में है. गिरफ्तारी के बाद से परिवार का राजन से कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे घर में कोहराम मचा हुआ है.

सांसद रवि किशन ने लिखी चिट्ठी

राजन की मां शांति देवी ने अपने बेटे को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है. उन्होंने भारत सरकार के MADAD पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन वहां से भी अभी तक कोई पुख्ता जानकारी हाथ नहीं लगी.

मामले की गंभीरता को देखते हुए गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने भी विदेश मंत्रालय को सिफारिशी पत्र भेजा था ताकि राजन की खोजबीन की जा सके. इसके बावजूद, हफ्तों बीत जाने के बाद भी परिवार को यह नहीं पता कि उनका बेटा किस हाल में है और कहां रखा गया है.

बूढ़ी मां की विदेश मंत्री से मार्मिक अपील

बेबस मां शांति देवी ने अब सीधे विदेश मंत्री और विदेश सचिव को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है. उन्होंने मांग की है कि म्यांमार स्थित भारतीय दूतावास के जरिए उनके बेटे को ‘कांसुलर एक्सेस’ दिलाया जाए ताकि कम से कम उसकी खैरियत का पता चल सके. परिवार चाहता है कि सरकार जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया पूरी कर राजन को सुरक्षित भारत वापस लाए.

ये भी पढ़ें: ‘अखिलेश राज में सिर्फ 4 जिलों को मिलती थी बिजली…’, 300 यूनिट फ्री बिजली के वादे पर मंत्री ओपी राजभर का तीखा प्रहार

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read

Latest