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Chhangur Baba: हिंदू युवतियों को ‘फंसाने’ के लिए छांगुर बाबा के भतीजे ने बनाई थी टीम, अब UP ATS ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार

Chhangur Baba: छांगुर के अवैध धर्मांतरण और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए उसके भतीजे सबरोज और साले के बेटे शहाबुद्दीन ने आजमगढ़ को ठिकाना बना रखा था. जिन्हें उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है.

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Chhangur Baba: अवैध धर्मांतरण मामले को लेकर चर्चा में आया ‘छांगुर बाबा’ बड़ा ही शातिर निकला. उसने ना सिर्फ बलरामपुर, बल्कि आजमगढ़ में भी हिंदू युवतियों को निशाना बनाने की पूरी तैयारी की थी. अब UP ATS ने इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी छांगुर बाबा का भतीजा और साले का बेटा बताए जा रहे हैं.

छांगुर के अवैध धर्मांतरण और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए उसके भतीजे सबरोज और साले के बेटे शहाबुद्दीन ने आजमगढ़ को ठिकाना बना रखा था. जिन्हें उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है.

छांगुर बाबा की कमर तोड़ने में लगी है ATS

गौरतलब है कि, छांगुर बाबा मामले को लेकर ED और ATS उतरौला में डेरा जमाए हुए है. शुक्रवार को ATS ने छांगुर के सहयोगी राशिद की गिरफ्तारी की थी. अब एटीएस छांगुर के पूरे गिरोह की कमर तोड़ने में लग गई है.

Chhangur Baba से ATS ने की थी पूछताछ

बीते दिनों ATS ने छांगुर बाबा और नीतू को 7 दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी. जिसमें पता चला था कि आजमगढ़ में हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण कराया जा रहा है और ये सारा काम छांगुर बाबा के भतीजे सबरोज उर्फ इमरान करता था. छांगुर बाबा ने बताया था कि सबरोज ने इस काम को लेकर एक टीम बनाई थी. जिसमें रशीद और शहाबुद्दीन उसके प्रमुख सहयोगी थे.

ये भी पढ़ें- धर्म, दौलत और धोखे का जाल: PM मोदी की फोटो और RSS के नाम का कैसे उपयोग करता था छांगुर बाबा?

उतरौला था काले कारनामों का अड्डा

छांगुर बाबा ने अवैध धर्मांतरण के काम को संगठित रूप से चलाने के लिए उतरौला में ही एक और अड्डा बनाया था. ईडी की जांच में पता चला है कि उसने मधपुर की कोठी से सारे अवैध काम करता था. इसमें विदेश में कारोबार फैलाने का काम भी शामिल था. वह आश्वी बुटीक कॉम्प्लेक्स से अपने कॉम्प्लेक्स को विदेश में संचालित करने का काम कर रहा था.

आश्वी बुटीक दुकान तो सिर्फ दिखावा था. उसका असली काम उसके काले कारनामों को वहां छिपाना था. वहीं पर छांगुर, नवीन और नीतू अपनी करतूत के सबूत छिपाते थे. उनमें विदेशी खातों के अलावा उससे जुड़े एग्रिमेंट तक शामिल थे.

– भारत एक्सप्रेस



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