Meenakshi Bharala
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के छात्र आंदोलन को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने कड़ा रुख अपनाया है. बागपत कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना छात्रों का अधिकार है, लेकिन इसकी भी एक मर्यादा होनी चाहिए.
‘पुलिस के साथ बदतमीजी की’
मीनाक्षी भराला ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें छात्राएं लड़कों से भी ज्यादा भद्दी गालियां देती नजर आ रही हैं. उन्होंने कहा, ‘जब आंदोलनकारी छात्रों ने संयम खोया और पुलिस के साथ बदतमीजी की, उसके बाद ही स्थिति बेकाबू हुई और पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं.’
उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और जब छात्राएं इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करती हैं, तो यह चिंताजनक है. प्रदर्शन के दौरान मर्यादा और संयम बनाए रखना बेहद जरूरी है.
कांवड़ यात्रा और नेमबोर्ड विवाद
जनसुनवाई के दौरान जब उनसे कांवड़ यात्रा के मार्ग में दुकानों पर नाम लिखे जाने के फैसले पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कदम का खुलकर समर्थन किया.
उन्होंने कहा कि सावन के महीने में धार्मिक मान्यताओं के तहत मांस-मदिरा पूरी तरह वर्जित होता है. ऐसे में श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए दुकानों पर नाम लिखा जाना जरूरी फैसला है और इसमें किसी भी दुकानदार को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
जनसुनवाई में 15 मामलों का निपटारा
बागपत कलेक्ट्रेट में हुई इस जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़ी करीब 12 से 15 शिकायतें सामने आईं. इनमें से कुछ पुराने मामलों पर अफसरों से रिपोर्ट मांगी गई, जबकि कई मामलों में मौके पर ही सुलह-समझौता कराया गया. गंभीर शिकायतों पर संबंधित थाना प्रभारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए.
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-भारत एक्सप्रेस
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