सीएम योगी ने होली खेली
Holi Celebration: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज खूब होली खेली. उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में परंपरा के अनुसार होलिकोत्सव की भी शुरुआत की. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि होली सामाजिक समरसता, उमंग और उल्लास का पर्व है. यह पर्व तभी खुशी से मनाया जाता है जब समाज में शांति हो. सुरक्षा का भाव, सौहार्द और विश्वास जरूरी है. उत्तर प्रदेश और पूरा देश आज इसी विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है.
परंपरा और विरासत का संरक्षण कर रहे
सीएम योगी ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि भारत की ऋषि परंपरा और पूर्वजों ने हजारों साल पुरानी होली की विरासत को संभाला है. वर्तमान पीढ़ी इसे उसी उत्साह से आगे बढ़ा रही है. पूरे प्रदेश में हर वर्ग के लोग और सनातनी इस पर्व से जुड़कर आनंद ले रहे हैं. जहां कहीं मनमुटाव या वैर है उसे खत्म कर समरस समाज बनाने के प्रयास हो रहे हैं.

अराजकता और अशांति बर्दाश्त नहीं
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में होलिका दहन के सभी कार्यक्रम अच्छे से संपन्न हुए. 1 लाख 61 हजार से ज्यादा जगहों पर शांतिपूर्ण और उत्साह से होलिका दहन हुआ. होलिका दहन भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार का स्मरण है. समाज में अराजकता और अशांति का दमन करने के लिए ईश्वरीय अवतार प्रेरणा देते हैं. सज्जनों की रक्षा और दुष्टों का नाश होता है. सकारात्मक भाव बढ़ता है और नकारात्मक भाव खत्म होता है.
परमेश्वर के अवतारों से प्रेरणा लें सब
सीएम योगी ने कहा कि हर काल में अवतार किसी न किसी रूप में आते हैं. हमें प्रह्लाद, शबरी या अर्जुन की तरह ईमानदारी से भूमिका निभानी चाहिए. ऐसा करने से सकारात्मक शक्तियां मजबूत होंगी और नकारात्मक ताकतें खुद हार मान लेंगी.
पीएम मोदी के नेतृत्व में नया भारत
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत दिख रहा है. यह भारत विकसित और आत्मनिर्भर बनने की राह पर तेजी से चल रहा है. विरासत और विकास साथ-साथ हो रहा है. आजादी के अमृतकाल में पीएम मोदी जैसा नेतृत्व मिलना गौरव की बात है.

सब भारतीयों को होली की शुभकामनाएं
सीएम योगी ने सभी नागरिकों को होली की बधाई दी. कामना की कि आने वाली पीढ़ियां इस पर्व को समरसता के साथ अनंत काल तक उमंग से मनाती रहें.
कई दफा ब्रज में सीएम ने खेली होली
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में कई बार होली के उत्सव में हिस्सा लिया है. हाल के वर्षों में वे बरसाना की लड्डू होली या फूलों की होली में शामिल हुए हैं. 2025 में वे बरसाना पहुंचे थे और 2026 में भी मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में होली की धूम रही लेकिन मुख्य रूप से गोरखपुर में मनाई. वे मथुरा के विकास और होली उत्सव में सक्रिय रहे हैं.
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