रामलला ने खेली होली: अयोध्या रंगों में डूबी
Ayodhya Ram Mandir: होली के पावन मौके पर अयोध्या की रामनगरी में खुशी का माहौल छा गया. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान रामलला ने भक्तों को बहुत खास श्रृंगार में दर्शन दिए. रामलला ने सिर पर सुंदर पगड़ी पहनी हुई थी. हाथ में रंग भरी पिचकारी लिए वे दिखे. उनका यह अलौकिक रूप देखकर हर भक्त का मन खुश हो गया. जैसे ही मंदिर के पट खुले, चारों तरफ जय श्रीराम के नारे गूंजने लगे. अबीर और गुलाल की खुशबू हवा में फैल गई.
Ram Lalla’s Holi at Ayodhya – a sight beyond words! 🙏🪔
Some moments are truly divine, and witnessing this was an absolute blessing. The joy, the devotion, and the vibrant colors—purely heartwarming!#HoliCelebrations #Ayodhya #JaiShriRam #holikiboli pic.twitter.com/c31oTUZjBP
— Desi roop (@rupa_prabhakar) March 14, 2025
विशेष श्रृंगार और अबीर-गुलाल चढ़ा
मंदिर में रामलला को विशेष तरीके से सजाया गया. भक्तों ने अबीर-गुलाल अर्पित किया. इसके बाद मंदिर में विशेष भोग लगाया गया. यह भोग रामलला को बहुत प्रिय है. भक्तों का मानना है कि इस तरह रामलला खुद होली का उत्सव मना रहे हैं. पगड़ी और पिचकारी के साथ उनका स्वरूप इतना सुंदर था कि लोग बार-बार देखते रह गए. कई भक्तों ने कहा कि रामलला का यह रूप देखकर दिल को शांति मिली.
500 वर्षों बाद खेली गई रामल्ला संग अयोध्या मंदिर में होली…#RamLalla #Holi pic.twitter.com/Ulcee7bwmq
— Anuj Sharma (@anujsharmacg) March 26, 2024
पूरी रामनगरी में होली का हर्षोल्लास
होली (Holi) सिर्फ मंदिर तक सीमित नहीं रही. अयोध्या के मठ-मंदिरों से लेकर सरयू नदी के तट तक रंगों की धूम मची. साधु-संतों ने भक्ति भरे फाग और चौताल गाए. ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोग नाचते-गाते दिखे. गांवों में चौपालों पर फगुआ गीत गूंजे. महिलाएं सामूहिक रूप से होली के गीत गाकर परंपरा निभा रही थीं. शहर में एक-दूसरे को गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी जा रही थीं.

हिंदू और मुस्लिम समाज की होली
इस बार होली में सौहार्द का रंग भी खास नजर आया. हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग साथ मिलकर रंग खेलते दिखे. पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने संतों को गले लगाकर होली की बधाई दी. उन्होंने कहा कि अयोध्या की परंपरा भाईचारे की है. हम सब मिलकर त्योहार मनाते हैं. यही हमारी असली पहचान है. यह तस्वीर देखकर हर किसी का मन प्रसन्न हो गया.

सरयू तट पर सुनाई दे रही फाग की गूंज
सरयू तट पर होली का अलग ही रंग था. लोग फूलों और रंगों से एक-दूसरे को रंग रहे थे. फाग गीतों की मधुर धुन सुनाई दे रही थी. पूरा वातावरण आध्यात्मिक और उत्सवी हो गया. अयोध्या में होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति और प्रेम का पर्व बन गई.

रामनगरी में होली मनाना सबसे अलग
भक्तों ने बताया कि रामलला का यह दर्शन जीवन भर याद रहेगा. कई लोग दूर-दूर से आए थे. वे कह रहे थे कि रामनगरी में होली मनाना सबसे अलग अनुभव है. रंग, भक्ति और खुशी सब कुछ मिलकर एक अनोखा माहौल बना रहे हैं. इस तरह 4 मार्च 2026 की होली अयोध्या में यादगार बन गई.
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